प्रेगनेंसी में कितने समय के बाद सम्बन्ध बनाना बंद कर देना चाहिए?
- क्या प्रेगनेंसी में शारीरिक संबंध बनाना सेफ है? Is Having Sex During Pregnancy Safe?
- क्या प्रेगनेंसी में संबंध बनाने का बच्चे पर असर पड़ता है? Does sex During Pregnancy affect the Baby?
- प्रेगनेंसी में संबंध बनाना कब बंद करना चाहिए? When to Stop Sex During Pregnancy?
- प्रेगनेंसी में संबंध बनाने के फायदे क्या हैं? What are The Benefits of Sex During Pregnancy?
- प्रेगनेंसी में सेक्स करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- निष्कर्ष
Summary
क्या प्रेगनेंसी में संबंध बनाना चाहिए? अक्सर, दंपत्तियों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध बनाना ठीक है? यह भ्रम अक्सर इसलिए पैदा होता है क्योंकि हर किसी का गर्भावस्था का अनुभव अलग होता है। इसी कारण बहुत से लोग सुरक्षित समय और सावधानियों के बारे में जानकारी चाहते हैं। इस ब्लॉग में हम इसी सवाल का सही और सरल जवाब समझने की कोशिश करेंगे कि प्रेगनेंसी में किस समय तक संबंध बनाए जा सकते हैं और कब इन्हें रोक देना चाहिए।
क्या प्रेगनेंसी में शारीरिक संबंध बनाना सेफ है? Is Having Sex During Pregnancy Safe?
ज्यादातर सामान्य गर्भावस्थाओं में डॉक्टर शारीरिक संबंध बनाने को सुरक्षित मानते हैं। इसका मतलब यह है कि अगर आपकी प्रेगनेंसी में कोई जटिलता नहीं है और डॉक्टर ने आपको किसी खास सावधानी के बारे में नहीं बताया है, तो आप संबंध बना सकते हैं। यह बात गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान यौन संबंध (sex during the first trimester) पर भी लागू होती है।
इस विषय पर गुड़गांव में मिरेकल्स हेल्थकेयर में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynaecologist in Gurgaon) डॉ. ज्योत्सना यादव का कहना है कि “अगर गर्भावस्था सामान्य है और किसी तरह की ब्लीडिंग, दर्द या मेडिकल समस्या नहीं है, तो पहली तिमाही में भी शारीरिक संबंध आमतौर पर सुरक्षित होते हैं। लेकिन हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए बिना सलाह के किसी भी चीज़ को हल्के में नहीं लेना चाहिए।”
हालाँकि, कुछ स्थितियाँ ऐसी होती हैं, जहाँ डॉक्टर विशेष रूप से मना करते हैं, क्योंकि ऐसे मामलों में संबंध बनाने से माँ और बच्चे दोनों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
कुछ ऐसी स्थितियाँ जिनमें गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से बचना बेहतर होता है, उनमें शामिल हैं:
-
बार–बार गर्भपात का खतरा हो: यदि आपका पहले गर्भपात (miscarriage) हो चुका है या आपके डॉक्टर ने आपको बताया है कि इस बार गर्भधारण करने में आपको कठिनाई होगी, तो यौन संबंध बनाना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं माना जाता है।
-
समय से पहले डिलीवरी की आशंका हो: अगर आपको प्री-टर्म लेबर(pre-term labour) के संकेत मिल रहे हों, जैसे अचानक पेट में कसाव या समय से पहले दर्द, तो संभोग से बचना चाहिए।
-
प्लेसेंटा की गलत स्थिति (Placenta Previa): जब प्लेसेंटा गर्भाशय के निचले हिस्से को ढक लेता है, तो हल्की सी गतिविधि से भी ब्लीडिंग हो सकती है। ऐसे में सेक्स करना जोखिम भरा हो सकता है।
-
सर्विक्स या प्रजनन अंगों में संक्रमण: अगर गर्भाशय ग्रीवा (cervix) या योनि में किसी भी प्रकार का संक्रमण (vaginal infection) हो, तो संबंध बनाने से समस्या बढ़ सकती है और बच्चे पर भी असर पड़ सकता है।
-
अगर गर्भावस्था के दौरान आपको किसी भी तरह की असामान्य परेशानी जैसे ब्लीडिंग, दर्द, असुरक्षित महसूस होना, पानी जैसा डिस्चार्ज या संक्रमण के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत संबंध बनाना बंद करना चाहिए और अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
क्या प्रेगनेंसी में संबंध बनाने का बच्चे पर असर पड़ता है? Does sex During Pregnancy affect the Baby?
बहुत-सी होने वाली माएँ इस बात को लेकर चिंतित रहती हैं कि कहीं शारीरिक संबंध (sex in pregnancy time) बनाने से उनके बच्चे पर कोई गलत प्रभाव तो नहीं पड़ेगा। यह एक बिल्कुल स्वाभाविक सवाल है, और इसका जवाब जानना आपको मानसिक रूप से भी राहत देता है।
कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि सामान्य प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक संबंध (sex in normal pregnancy) बनाने से बच्चे पर कोई नुकसानदायक असर नहीं पड़ता। लेकिन पिछली गर्भावस्था में गर्भपात का इतिहास रखने वाली महिला के मामले में यह अनुचित है। ज्यादातर रिसर्च का यही कहना है कि अगर गर्भाशय, प्लेसेंटा या गर्भाशय ग्रीवा से जुड़ी कोई समस्या है, तो संबंध बनाना सुरक्षित नहीं माना जाता है।
अब, सबसे महत्वपूर्ण विषय पर आते हैं, जो अक्सर जोड़ों द्वारा पूछा जाता है।
प्रेगनेंसी में संबंध बनाना कब बंद करना चाहिए? When to Stop Sex During Pregnancy?
सामान्य और बिना किसी जटिलता वाली गर्भावस्था में, अंतिम सप्ताहों में भी यौन संबंध बनाना सुरक्षित माना जाता है। अज्यादातर महिलाएँ तब तक यौन संबंध बना सकती हैं, जब तक कि उनके डॉक्टर मना न करें या उनके शरीर में कोई असुविधा के लक्षण दिखाई न दें।
लेकिन कुछ स्थितियों (high risk pregnancy) में, माँ और होने वाले बच्चे, दोनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर स्पष्ट रूप से शारीरिक संबंध तुरंत बंद करने की सलाह देते हैं। इन परिस्थितियों में शामिल हो सकते हैं:
-
अगर समय से पहले डिलीवरी (Preterm Labor) का खतरा हो: यदि डॉक्टर को लगता है कि बच्चे का जन्म निर्धारित समय से पहले हो सकता है, तो वे संबंध बनाने से मना करते हैं। ऐसे समय पर किसी भी तरह का दबाव गर्भाशय में सिकुड़न बढ़ा सकता है।
-
अगर प्लेसेंटा प्रीविया हो: प्लेसेंटा प्रीविया में प्लेसेंटा गर्भाशय ग्रीवा को ढक लेता है। ऐसी स्थिति में हलचल या दबाव से ब्लीडिंग हो सकती है। इस कारण डॉक्टर पूरी तरह से संबंध बनाने से रोकते हैं।
-
अगर गर्भाशय ग्रीवा कमजोर हो (Incompetent Cervix): जब गर्भाशय का मुख कमजोर हो और समय से पहले खुलने का खतरा हो, तो शारीरिक संबंध बनाने से समस्या बढ़ सकती है। ऐसे मामलों में पूरी प्रेगनेंसी के दौरान संयम की सलाह दी जाती है।
-
यदि ब्लीडिंग या स्पॉटिंग हो रही हो: गर्भावस्था में अचानक ब्लीडिंग, लगातार स्पॉटिंग या किसी भी तरह का अनयूज़ुअल डिस्चार्ज हो तो यह संकेत हो सकता है कि शरीर आराम चाहता है। ऐसे में संबंध बनाना तुरंत बंद कर देना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
-
अगर पानी की थैली (Water Bag) लीक हो रही हो: यदि एम्नियोटिक फ्लूइड लीक होना शुरू हो जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में शारीरिक संबंध बिल्कुल नहीं बनाने चाहिए।
-
अगर जुड़वा या मल्टीपल प्रेगनेंसी हो: जुड़वा या अधिक भ्रूण होने की स्थिति में पहले से ही प्री-टर्म लेबर का खतरा बढ़ जाता है। कई बार डॉक्टर प्रेगनेंसी के मिड-टर्म से ही संबंध बनाने से मना कर देते हैं।
-
अगर डॉक्टर ने किसी भी कारण से बेड रेस्ट बताया हो: बेड रेस्ट का मतलब है कि शरीर को किसी भी तरह का अतिरिक्त दबाव या गतिविधि नहीं करनी है। ऐसे में संबंध बनाना भी रोक देना चाहिए।
प्रेगनेंसी में संबंध बनाने के फायदे क्या हैं? What are The Benefits of Sex During Pregnancy?
बहुत-सी होने वाली माएँ यह सोचकर घबराती हैं कि गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाना ठीक है या नहीं। लेकिन अगर आपकी प्रेगनेंसी लो-रिस्क है और डॉक्टर ने किसी तरह की रोक नहीं लगाई है, तो संबंध बनाना पूरी तरह सुरक्षित होने के साथ-साथ कई फायदे भी देता है।
-
तनाव कम होता है और मूड बेहतर होता है: प्रेगनेंसी में अक्सर हार्मोनल बदलाव के कारण मूड स्विंग, घबराहट और तनाव बढ़ जाता है। शारीरिक संबंध बनाने से शरीर में एंडोर्फिन और ऑक्सीटोसिन जैसे ‘फील-गुड’ हार्मोन रिलीज होते हैं, जो तनाव कम करने और मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इससे मानसिक रूप से आराम महसूस होता है।
-
नींद की गुणवत्ता में सुधार: गर्भावस्था में नींद का पैटर्न काफी प्रभावित होता है। शारीरिक संबंध के बाद शरीर स्वाभाविक रूप से रिलैक्स होता है, जिससे गहरी और बेहतर नींद आती है। अच्छी नींद माँ और बच्चे दोनों के लिए लाभदायक होती है।
-
कपल के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है: प्रेगनेंसी के दौरान कई कपल्स भावनात्मक तौर पर थोड़ा दूर महसूस करने लगते हैं। ऐसे समय में घनिष्ठता बनाए रखना रिश्ते में नई ऊर्जा लाता है और दोनों के बीच भरोसा और समझ बढ़ाता है।
-
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है: संबंध बनाने से शरीर में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे माँ के शरीर को अतिरिक्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं। बेहतर रक्त प्रवाह से गर्भ में पल रहे बच्चे को ज़रूरी पोषण और ऑक्सीजन मिलती है, जिससे उसका विकास सही तरीके से होता है।
-
पेल्विक मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं: शारीरिक गतिविधि और ऑर्गेज़्म के दौरान पेल्विक फ्लोर मसल्स एक्टिव होती हैं। इससे ये मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, जो डिलीवरी के समय और प्रसव के बाद रिकवरी में भी फायदा पहुँचाती हैं।
-
रोग प्रतिरोधक शक्ति (Immunity) को फायदा: कुछ रिसर्च में पाया गया है कि सुरक्षित संबंध बनाने से इम्यूनिटी में सुधार हो सकता है। यह गर्भावस्था में होने वाले छोटे-छोटे संक्रमणों से बचाने में मदद कर सकता है।
-
प्राकृतिक रूप से रिलैक्सेशन मिलता है: प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में दर्द, थकान और बेचैनी आम समस्या है। घनिष्ठता से शरीर को प्राकृतिक रूप से आराम मिलता है, जिससे माँ खुद को हल्का, खुश और रिलैक्स महसूस करती है।
प्रेगनेंसी में सेक्स करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाना सामान्य बात है, लेकिन इस समय आपको कुछ अतिरिक्त सावधानियाँ बरतनी जरूरी होती हैं। इससे न सिर्फ आप दोनों का अनुभव आरामदायक रहता है, बल्कि माँ और बच्चे की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।
-
आरामदायक और सुरक्षित पोज़िशन चुनें: जैसे-जैसे गर्भ आगे बढ़ता है, खासकर तीसरी तिमाही में, पेट पर दबाव बिल्कुल नहीं आना चाहिए। ऐसी पोज़िशन चुनें जिनमें माँ को आराम मिले और पेट पर भार या खिंचाव न पड़े।
-
हल्की और सौम्य गतिविधियाँ अपनाएँ: प्रेगनेंसी में शरीर पहले ही कई बदलावों से गुजर रहा होता है। इसलिए किसी भी तरह की तेज़ या ज़ोरदार गतिविधियों से बचें। हमेशा धीरे, सॉफ्ट और आरामदायक तरीके से आगे बढ़ें।
-
अपने पार्टनर से लगातार बातचीत करें: शारीरिक और मानसिक आराम बहुत ज़रूरी है। हर बार अपने पार्टनर से खुलकर बात करें कि आपको कैसा महसूस हो रहा है। अगर किसी भी पोज़िशन में असुविधा हो रही है, तो तुरंत बदलाव करें। शरीर के संकेतों को ध्यान से सुनें।
-
अगर दर्द, जलन या भारीपन लगे तो तुरंत रुक जाएँ: किसी भी तरह का दर्द सामान्य नहीं माना जाता। हल्का भी दर्द हो तो तुरंत रुकें और आराम करें। जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें।
-
साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें: प्रेगनेंसी में संक्रमण का जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है। इसलिए दोनों पार्टनर्स की हाइजीन बहुत महत्वपूर्ण है। साफ-सफाई बनाए रखने से संक्रमण की संभावना कम होती है और अनुभव भी अधिक आरामदायक रहता है।
-
लुब्रिकेशन की जरूरत हो तो डॉक्टर से सलाह लें: हार्मोनल बदलाव के कारण कभी-कभी dryness हो सकती है। ऐसी स्थिति में जलन या असुविधा से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेशन का उपयोग किया जा सकता है।
-
डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें: अगर डॉक्टर ने किसी कारण से शारीरिक संबंध न बनाने की सलाह दी है जैसे प्लेसेंटा प्रीविया, प्रीटर्म लेबर का खतरा, या सर्वाइकल समस्याएँ तो इसका पालन करना ज़रूरी है।
निष्कर्ष:
प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक संबंध को लेकर डर और भ्रम होना बिल्कुल सामान्य है। सच्चाई यह है कि अगर गर्भावस्था सामान्य है और डॉक्टर ने किसी तरह की रोक नहीं लगाई है, तो संबंध बनाना सुरक्षित माना जाता है और इससे माँ या बच्चे को नुकसान नहीं होता। सही जानकारी, आपसी समझ और थोड़ी सावधानी के साथ कपल्स इस समय को सहज और सुकून भरा बना सकते हैं।
हालाँकि, हर महिला का शरीर अलग होता है और हर प्रेगनेंसी की स्थिति भी अलग होती है। इसलिए अपने शरीर के संकेतों को समझना, असहजता या दर्द होने पर रुक जाना और समय-समय पर डॉक्टर की सलाह लेते रहना बहुत ज़रूरी है। याद रखें, गर्भावस्था में सबसे पहली प्राथमिकता माँ और बच्चे दोनों की सुरक्षा और सेहत होती है। सही मार्गदर्शन और देखभाल के साथ यह सफर सुरक्षित और सुखद बनाया जा सकता है।
यदि आपकी प्रेगनेंसी से जुड़ा कोई भी सवाल या चिंता है चाहे वह शारीरिक संबंध को लेकर हो, नियमित चेक-अप, या सुरक्षित डिलीवरी से जुड़ी सलाह, तो देर न करें। गुरुग्राम के सबसे भरोसेमंद मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, मिरेकल्स हेल्थकेयर में अपने नजदीकी अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से उचित मार्गदर्शन प्राप्त करना आपके और आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें और विशेषज्ञ डॉक्टरों से व्यक्तिगत सलाह प्राप्त करें। आपकी सुरक्षित, स्वस्थ और तनावमुक्त गर्भावस्था यात्रा हमारी प्राथमिकता है।
हमारे गर्भावस्था पैकेजों (pregnancy package) के बारे में अधिक जानने के लिए, हमारे स्वास्थ्य सलाहकारों से बात करें।
Frequently Asked Questions
नहीं, सामान्य और बिना जटिलता वाली गर्भावस्था में यौन संबंध हानिकारक नहीं माने जाते, जब तक डॉक्टर ने मना न किया हो।
सामान्य प्रेगनेंसी में पहली तिमाही के दौरान यौन संबंध से गर्भपात का खतरा नहीं होता, लेकिन हाई-रिस्क मामलों में डॉक्टर सावधानी की सलाह देते हैं।
हाँ, ज्यादातर मामलों में गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध बनाना पूरी तरह संभव और सुरक्षित होता है।
यदि कोई मेडिकल समस्या नहीं है, तो डॉक्टर की अनुमति से प्रेगनेंसी के अंतिम महीनों तक भी यौन संबंध बनाए जा सकते हैं।
इसकी कोई तय संख्या नहीं होती; यह पूरी तरह महिला की सेहत, आराम और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।

Was the information useful?
6 0