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10 Jul 2026 Gynaecology
Gynaecologist in Gurgaon: When to Visit & Common Health Issues

Women experience a variety of health concerns throughout different stages of life, including irregular periods, PCOS, fibroids, endometriosis, fertility issues, pregnancy-related complications, and menopause symptoms. Consulting a gynaecologist at the right time can help detect these conditions early, ensure timely treatment, and reduce the risk of long-term complications. Regular gynaecological check-ups are also important for maintaining reproductive health, planning a healthy pregnancy, and supporting overall well-being. In a rapidly growing city like Gurgaon, women often juggle demanding careers, family responsibilities, and personal health needs. As a result, concerns such as PCOS, hormonal imbalances, infertility, high-risk pregnancies, and menopause-related symptoms are becoming increasingly common. Having access to an experienced gynaecologist can help women better understand these concerns, receive timely medical guidance, and make informed decisions about their reproductive health. At Miracles Healthcare, women are supported by a team of 50+ experienced female gynaecologists, including Rt. Lt. Gen. Dr. Punita Arora, Dr. Himani Kundoo, Dr. Sadhna Sharma, Dr. Amrapali Dixit, Dr. Harpreet Kaur, and other specialists who collectively bring extensive experience in women's healthcare. Their focus is on providing personalized care and support tailored to the unique needs of every woman, from adolescence to motherhood and beyond.

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28 Jul 2026 Internal Medicine
शरीर का सामान्य तापमान कितना होना चाहिए?

शरीर का तापमान केवल यह नहीं बताता कि आपको बुखार है या नहीं, बल्कि यह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेत भी होता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर स्वस्थ व्यक्ति का तापमान हमेशा 98.6°F (37°C) ही हो। उम्र, लिंग, मौसम, शारीरिक गतिविधि, हार्मोनल बदलाव और तापमान मापने का तरीका जैसी कई बातें शरीर के तापमान को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए सामान्य तापमान की सही सीमा को समझना और यह जानना कि कब तापमान चिंता का कारण बन सकता है, हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है। यदि शरीर का तापमान लंबे समय तक सामान्य सीमा से बाहर रहे, बार-बार बुखार आए या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर होता है। समय पर जांच, सही निदान और उचित उपचार से न केवल बीमारी के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सकता है, बल्कि भविष्य में होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाव किया जा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली, नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह आपके शरीर के तापमान और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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17 Aug 2026 Fertility
क्या IVF की सफलता के लिए AMH से ज़्यादा उम्र मायने रखती है?

आईवीएफ की सफलता (IVF success) में उम्र और एएमएच (AMH) दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन दोनों की भूमिका अलग होती है। एएमएच मुख्य रूप से अंडाशय में उपलब्ध अंडों की अनुमानित संख्या और आईवीएफ दवाओं के प्रति अंडाशय की संभावित प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी देता है, जबकि उम्र अंडों की गुणवत्ता (Egg Quality) और प्रजनन क्षमता (Fertility) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कारक है। कम एएमएच का मतलब यह नहीं है कि आईवीएफ सफल नहीं हो सकता और सामान्य एएमएच (Normal AMH) भी सफलता की गारंटी नहीं देता। इसलिए आईवीएफ की संभावनाओं को समझने के लिए उम्र और एएमएच के साथ अंडों की गुणवत्ता, एएफसी, शुक्राणु की गुणवत्ता, भ्रूण की गुणवत्ता और गर्भाशय की स्थिति जैसे अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है। हर व्यक्ति की प्रजनन स्थिति अलग होती है, इसलिए केवल किसी एक रिपोर्ट या संख्या के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। यदि आप आईवीएफ पर विचार कर रही हैं, तो अपनी उम्र, एएमएच और पूरी प्रजनन प्रोफाइल के आधार पर विशेषज्ञ से सलाह लेकर उपचार के विकल्प और संभावित परिणामों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।

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14 Aug 2026 Orthopaedics
लैपटॉप के इस्तेमाल से गर्दन में दर्द क्यों होता है? जानें कारण, बचाव और इलाज के तरीके

आज के समय में लैपटॉप हमारी दैनिक जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। घर से काम करना हो, ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन मीटिंग्स हों या लगातार ईमेल और रिपोर्ट्स पर काम करना हो, कई लोगों का दिन घंटों लैपटॉप के सामने बैठकर निकल जाता है। लेकिन लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठकर लैपटॉप का इस्तेमाल करना सर्वाइकल पेन (Cervical Pain) या गर्दन के दर्द (Neck Pain) की समस्या को जन्म दे सकता है। शुरुआत में यह दर्द हल्का हो सकता है और आराम करने पर कुछ समय के लिए ठीक भी हो जाता है। लेकिन जब यह समस्या बार-बार होने लगे, तो गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव और खिंचाव पड़ सकता है, जिससे दर्द कंधों, ऊपरी पीठ और कभी-कभी हाथों तक भी पहुंच सकता है। मिरेकल्स हेल्थकेयर गुड़गांव के ऑर्थोपेडिक चिकित्सक (Orthopedic Doctor in Gurgaon) डॉ. सुमित आनंद के अनुसार, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठना गर्दन की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए सही बैठने की मुद्रा अपनाना, बीच-बीच में ब्रेक लेना, गर्दन और कंधों की हल्की एक्सरसाइज करना और लगातार बने रहने वाले दर्द को नजरअंदाज न करना जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर लैपटॉप के लंबे इस्तेमाल से होने वाले गर्दन के दर्द से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

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12 Aug 2026 Fertility
पुरुष प्रजनन क्षमता और स्पर्म की संख्या बढ़ाने के लिए जरूरी हैं ये विटामिन

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, तनाव, धूम्रपान और पोषण की कमी का असर केवल सामान्य स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी पड़ सकता है। कई पुरुष कम स्पर्म काउंट, कमजोर स्पर्म गुणवत्ता या कम स्पर्म मोटिलिटी जैसी समस्याओं का सामना करते हैं, जिससे गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में संतुलित आहार के साथ कुछ आवश्यक विटामिन और मिनरल्स शरीर में स्वस्थ शुक्राणुओं के निर्माण और उनके बेहतर कार्य करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, केवल विटामिन या सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन बनाए रखना, पर्याप्त नींद लेना, तनाव कम करना और धूम्रपान व शराब जैसी आदतों से दूरी बनाना भी पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है। यदि लंबे समय से गर्भधारण में कठिनाई हो रही है, तो समय पर विशेषज्ञ से परामर्श और उचित जांच कराना सही कारण जानने और प्रभावी उपचार पाने का सबसे अच्छा तरीका है।

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