गर्भावस्था में चिकनपॉक्स: कारण, लक्षण, जोखिम और सुरक्षित इलाज

Summary

गर्भावस्था में चिकनपॉक्स एक वायरल संक्रमण है, जो माँ और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इसके लक्षणों में शरीर पर दाने, बुखार और कमजोरी शामिल हैं। सही समय पर डॉक्टर से परामर्श और उचित इलाज से जटिलताओं से बचा जा सकता है। गर्भावस्था में संक्रमण से बचाव और जागरूकता माँ और बच्चे की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जब माँ और बच्चे दोनों की सेहत का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। इस दौरान होने वाला कोई भी संक्रमण चिंता का कारण बन सकता है। चिकनपॉक्स (Chickenpox) भी ऐसा ही एक वायरल संक्रमण है, जो गर्भावस्था में होने पर माँ और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। सही जानकारी और समय पर इलाज से इस स्थिति को सुरक्षित रूप से मैनेज किया जा सकता है।

इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि गर्भावस्था में चिकनपॉक्स (chickenpox during pregnancy) क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं, इससे क्या जोखिम हो सकते हैं और इसका इलाज कैसे किया जाता है।

चिकनपॉक्स क्या है?

चिकनपॉक्स एक वायरल संक्रमण है, जो Varicella-Zoster Virus के कारण होता है। यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, खांसने, छींकने या उसके दानों के संपर्क में आने से फैलती है। जिन महिलाओं को बचपन में चिकनपॉक्स नहीं हुआ या वैक्सीन नहीं लगी, उनमें गर्भावस्था के दौरान इसका खतरा अधिक होता है।

गर्भावस्था में चिकनपॉक्स होने के कारण Causes of Chickenpox During Pregnancy

गर्भवती महिला को चिकनपॉक्स होने का खतरा तब बढ़ जाता है जब उसकी बॉडी में इस वायरस के खिलाफ पहले से इम्यूनिटी नहीं होती। यह संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान विशेष सावधानी जरूरी होती है।

गर्भवती महिला को चिकनपॉक्स होने के मुख्य कारण हैं:

  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना

  • पहले कभी चिकनपॉक्स न होना

  • चिकनपॉक्स की वैक्सीन न लगवाना

  • कमजोर इम्यून सिस्टम

इस विषय पर मिरेकल्स हेल्थकेयर में गुड़गांव की सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. साधना शर्मा,बताती हैं, "जिन महिलाओं को बचपन में चिकनपॉक्स नहीं हुआ या वैक्सीन नहीं लगी, उनमें गर्भावस्था के दौरान संक्रमण का खतरा अधिक होता है। इसलिए pregnancy planning से पहले immunity status जानना और जरूरी vaccination करवाना बहुत महत्वपूर्ण होता है। गर्भावस्था के दौरान संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखना भी जरूरी है।"

डॉ. साधना शर्मा गुरुग्राम स्थित मिरेकल हेल्थकेयर में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ और प्रसूति विशेषज्ञ हैं, जिन्हें 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। उन्होंने न केवल सामान्य प्रेगनेंसी बल्कि कई जटिल और हाई-रिस्क प्रेगनेंसी को भी सुरक्षित तरीके से संभाला है। उन्हें सर्वाइकल सरक्लेज, कोन बायोप्सी, एब्डोमिनल और वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी और सैल्पिंगो-ऊफोरेक्टॉमी जैसी सर्जिकल प्रक्रियाओं में विशेषज्ञता हासिल है। मरीज उनकी शांत स्वभाव, सही मार्गदर्शन और हर मरीज को व्यक्तिगत रूप से समझकर इलाज करने के तरीके की सराहना करते हैं। । उनका सफलता प्रतिशत भी काफी अच्छा है, और सबसे जरूरी बात यह है कि वह हर महिला को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ सही सलाह और देखभाल देती हैं, जिससे मरीज खुद को सुरक्षित और भरोसे में महसूस करते हैं।

गर्भावस्था में चिकनपॉक्स के लक्षण Chickenpox during pregnancy symptoms

गर्भवती महिलाओं में चिकनपॉक्स के लक्षण सामान्य लोगों जैसे ही होते हैं, लेकिन कभी-कभी ये अधिक गंभीर हो सकते हैं।

सामान्य लक्षण:

  • शरीर पर लाल दाने और फफोले

  • तेज खुजली

  • बुखार

  • थकान और कमजोरी

  • सिर दर्द

  • भूख कम लगना

कुछ मामलों में निमोनिया जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है।

गर्भावस्था में चिकनपॉक्स का बच्चे पर प्रभाव Effects of chickenpox during pregnancy on the baby

गर्भावस्था के दौरान चिकनपॉक्स का असर इस बात पर निर्भर करता है कि संक्रमण किस trimester में हुआ है। हर चरण में बच्चे पर इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है।

1. प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में चिकनपॉक्स (Chickenpox During Pregnancy First Trimester)

पहली तिमाही (0 से 12 सप्ताह) बच्चे के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय होती है। इस दौरान चिकनपॉक्स होने पर कुछ मामलों में बच्चे पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

संभावित जोखिम:

  • Congenital Varicella Syndrome का खतरा

  • बच्चे में जन्म से जुड़ी कुछ शारीरिक समस्याएं

  • बच्चे का विकास प्रभावित होना

  • त्वचा पर स्थायी निशान

हालांकि यह जोखिम कम मामलों में होता है, लेकिन इस समय विशेष सावधानी और डॉक्टर की निगरानी जरूरी होती है।

2. प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में चिकनपॉक्स (Chickenpox During Pregnancy Second Trimester)

दूसरी तिमाही (13 से 28 सप्ताह) में चिकनपॉक्स होने पर भी बच्चे को खतरा हो सकता है, लेकिन पहली तिमाही की तुलना में जोखिम थोड़ा कम होता है।

संभावित प्रभाव:

  • बच्चे का वजन कम होना

  • बच्चे के विकास पर असर पड़ना

  • कुछ मामलों में जन्म के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

इस दौरान नियमित ultrasound और डॉक्टर की सलाह से बच्चे की growth पर नजर रखी जाती है।

3. प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में चिकनपॉक्स (Chickenpox During Pregnancy Third Trimester)

तीसरी तिमाही (29 सप्ताह से डिलीवरी तक) में चिकनपॉक्स होने पर बच्चे को खतरा खासतौर पर तब ज्यादा होता है जब संक्रमण डिलीवरी के आसपास हो।

सबसे ज्यादा जोखिम वाली स्थिति:

अगर माँ को डिलीवरी से 5 दिन पहले या डिलीवरी के 2 दिन बाद चिकनपॉक्स हो जाए

ऐसी स्थिति में:

  • नवजात शिशु में गंभीर संक्रमण हो सकता है

  • बच्चे को तुरंत इलाज और विशेष देखभाल की जरूरत पड़ सकती है

गर्भावस्था में चिकनपॉक्स कितना खतरनाक है?

यदि समय पर इलाज न किया जाए तो इससे निम्नलिखित जैसी जटिलताएं हो सकती हैं:

  • निमोनिया

  • गंभीर संक्रमण

  • माँ की सेहत पर खतरा

  • नवजात में संक्रमण

लेकिन अच्छी खबर यह है कि समय पर इलाज से इन जोखिमों को कम किया जा सकता है।

गर्भावस्था में चिकनपॉक्स का इलाज Chickenpox During Pregnancy Treatment

अगर गर्भवती महिला को चिकनपॉक्स हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

इलाज में शामिल हो सकते हैं:

  • एंटीवायरल दवाएं जैसे Acyclovir

  • बुखार कम करने की दवा

  • खुजली कम करने की दवा

  • पर्याप्त आराम

  • पर्याप्त पानी पीना

  • कुछ मामलों में डॉक्टर Varicella Immunoglobulin (VZIG) भी दे सकते हैं।

गर्भावस्था में चिकनपॉक्स से बचाव कैसे करें? Chickenpox During Pregnancy Prevention

बचाव ही सबसे अच्छा उपाय है। बचाव के उपाय:

  • संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें

  • साफ-सफाई का ध्यान रखें

  • इम्यूनिटी मजबूत रखें

  • गर्भधारण से पहले चिकनपॉक्स वैक्सीन लगवाएं

ध्यान दें: गर्भावस्था के दौरान चिकनपॉक्स की वैक्सीन नहीं लगाई जाती।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

अगर गर्भावस्था में ये लक्षण दिखें:

  • शरीर पर दाने

  • बुखार

  • सांस लेने में परेशानी

तो तुरंत अपने नजदीकी स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynaecologist near you) से मिलें

निष्कर्ष:

गर्भावस्था के दौरान चिकनपॉक्स एक गंभीर स्थिति हो सकती है, लेकिन समय पर निदान और उपचार से माँ और शिशु दोनों सुरक्षित रह सकते हैं। घबराने के बजाय, सटीक जानकारी और विशेषज्ञ सलाह लेना महत्वपूर्ण है। क्या आप गर्भावस्था के दौरान इस संक्रमण से संक्रमित होने को लेकर चिंतित हैं? मिरेकल्स हेल्थकेयर में आज ही अपने नजदीकी अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें और सुरक्षित गर्भावस्था सुनिश्चित करें।

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Frequently Asked Questions

गर्भावस्था में चिकनपॉक्स होने पर शरीर पर लाल दाने और फफोले, तेज खुजली, बुखार, थकान और शरीर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

नहीं, गर्भावस्था के दौरान बच्चे को चिकनपॉक्स का टीका नहीं लगाया जाता, लेकिन जन्म के बाद डॉक्टर की सलाह अनुसार सही समय पर लगाया जा सकता है।

इसका इलाज डॉक्टर की निगरानी में एंटीवायरल दवाओं, बुखार और खुजली कम करने की दवाओं, आराम और विशेष देखभाल से किया जाता है।

इससे माँ में निमोनिया जैसी जटिलताएं हो सकती हैं और कुछ मामलों में गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए तुरंत इलाज जरूरी है।

मिरेकल्स हेल्थकेयर गुड़गांव में गर्भावस्था के दौरान संक्रमण और चिकनपॉक्स के इलाज के लिए अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ और उन्नत मातृत्व देखभाल सुविधाएं उपलब्ध हैं।