क्या पीरियड्स के दौरान खून के थक्के जमना सामान्य है?
- पीरियड्स के दौरान आखिर खून के थक्के क्यों बनते हैं? Why Do Blood Clots Come During Periods?
- कैसे समझें कि पीरियड्स के दौरान खून के थक्के सामान्य हैं या नहीं? Period Blood Clots: Normal vs Abnormal
- पीरियड्स के दौरान बड़े खून के थक्के आने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? What are the Reasons for Big Blood Clots During the Period?
- खून के थक्कों के साथ किन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? What are The Period Blood Clot Symptoms?
- पीरियड्स के दौरान खून के थक्कों का इलाज कैसे किया जाता है? How is Period Blood Clots Treated?
- पीरियड में खून के थक्के को रोकने के उपाय How to Prevent Blood Clots in Menstrual Periods?
- महिलाओं के स्वास्थ्य की हर समस्या के लिए विशेषज्ञ देखभाल, एक ही स्थान पर
- आपकी सेहत इंतजार नहीं करती, तो आप क्यों करें?
- गुरुग्राम में जहाँ भी हों, विशेषज्ञ स्त्री रोग देखभाल अब आपके करीब
- अपने सवालों को मन में न रखें, विशेषज्ञ से बात करें
Summary
"पीरियड्स के दौरान अचानक खून के थक्के (period blood clots) दिखाई दें, तो घबराना स्वाभाविक है।" ऐसे में मन में कई सवाल उठने लगते हैं। "ये पहले तो कभी नहीं होता था, अचानक अब क्यों होने लगा? क्या यह शरीर का सामान्य बदलाव है या किसी समस्या की ओर इशारा?" ऐसे सवाल मन की चिंता और बेचैनी को और बढ़ा देते हैं, खासकर जब रक्त के थक्के बार-बार दिखाई देने लगें।
अध्ययन से पता चलता है कि लगभग 5 में से 1 महिला ( 50-60%) को कभी न कभी अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव के साथ-साथ खून के थक्के आते हैं। लेकिन क्या हर खून का थक्का सामान्य होता है? इसका जवाब हमेशा "हाँ" नहीं होता। कई बार यह शरीर की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है, तो कई बार यह शरीर का ऐसा संकेत भी हो सकता है, जिसे समय रहते समझना जरूरी होता है।
ऐसी स्थिति में सही जानकारी और अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह सबसे बड़ा सहारा बनती है। मिरेकल्स हेल्थकेयर, जो वर्ष 2002 से महिलाओं के स्वास्थ्य सेवाओं में एक भरोसेमंद नाम है, वहाँ 50 से अधिक अनुभवी महिला स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम आधुनिक जांच सुविधाओं के साथ हर महिला की समस्या का विस्तार से मूल्यांकन करती है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उचित मार्गदर्शन व उपचार प्रदान करती है।
आइए अब विस्तार से समझते हैं कि मासिक धर्म के दौरान खून के थक्के (blood clot in menses) क्यों बनते हैं, किन परिस्थितियों में इन्हें सामान्य माना जाता है और किन संकेतों पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
पीरियड्स के दौरान आखिर खून के थक्के क्यों बनते हैं? Why Do Blood Clots Come During Periods?
अगर आपको लगता है कि पीरियड्स के दौरान खून के थक्के आना हमेशा किसी बीमारी का संकेत होता है, तो पहले यह समझना जरूरी है कि ये बनते कैसे हैं। इसकी वजह जानने के बाद यह समझना आसान हो जाएगा कि कब यह एक सामान्य प्रक्रिया है और कब इस पर ध्यान देने की जरूरत होती है।
हर महीने गर्भाशय की अंदरूनी परत (endometrium) संभावित गर्भधारण की तैयारी के लिए बनती है। यदि गर्भधारण नहीं होता, तो यही परत रक्त और ऊतकों के साथ मासिक धर्म के दौरान शरीर से बाहर निकल जाती है।
जब मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव अधिक होता है, तो शरीर रक्त के अत्यधिक बहाव को नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक रूप से रक्त के थक्के बनाने वाले तत्व (क्लॉटिंग फैक्टर्स) सक्रिय कर देता है। यही तत्व रक्त को जमाने का काम करते हैं, जिससे खून के छोटे-छोटे थक्के बनते हैं और वे मासिक धर्म के साथ बाहर निकल (blood clots in menstrual flow) जाते हैं।
गुरुग्राम में मिरेकल्स हेल्थकेयर की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynaecologist in Gurgaon), डॉ. हिमानी कुंडू कहती हैं, "इसी वजह से पीरियड्स के शुरुआती एक से दो दिनों में छोटे खून के थक्के दिखाई देना आमतौर पर सामान्य माना जाता है, क्योंकि इस दौरान रक्तस्राव सबसे अधिक होता है। हालांकि, यदि खून के थक्के बार-बार बड़े आकार (big blood clots during period) के हों, अत्यधिक रक्तस्राव, तेज दर्द या अन्य असामान्य लक्षणों के साथ दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श और आवश्यक जांच कराना बेहद जरूरी है।"
कैसे समझें कि पीरियड्स के दौरान खून के थक्के सामान्य हैं या नहीं? Period Blood Clots: Normal vs Abnormal
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पीरियड्स के दौरान हर खून का थक्का (blood clot in period) चिंता की बात होता है? इसका जवाब है, नहीं। कई बार यह मासिक धर्म की एक सामान्य प्रक्रिया होती है, जबकि कुछ परिस्थितियों में यह शरीर का ऐसा संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
किन परिस्थितियों में खून के थक्के सामान्य (blood clots are normal during periods) माने जा सकते हैं?
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यदि आपके साथ नीचे दिए गए लक्षण हैं, तो आमतौर पर चिंता की आवश्यकता नहीं होती।
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खून के थक्के केवल पीरियड्स के पहले या दूसरे दिन दिखाई देते हैं।
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थक्कों का आकार छोटा हो, लगभग एक छोटे सिक्के जितना या उससे कम।
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थक्के कभी-कभार ही आएं।
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अत्यधिक दर्द या बहुत अधिक रक्तस्राव न हो।
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मासिक धर्म नियमित हो और सामान्य अवधि तक चले।
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यदि आपकी मासिक धर्म की प्रक्रिया सामान्य है और कभी-कभार छोटे खून के थक्के दिखाई देते हैं, तो यह अक्सर शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है।
किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
यदि खून के थक्कों के साथ नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो जल्द से जल्द स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
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बार-बार बड़े आकार के खून के थक्के निकलना।
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हर घंटे पैड या टैम्पोन (Tampon) बदलने की आवश्यकता पड़ना।
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मासिक धर्म का सात दिनों से अधिक समय तक जारी रहना।
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अत्यधिक पेट, पेल्विक या कमर दर्द होना।
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लगातार कमजोरी, चक्कर आना या अत्यधिक थकान महसूस होना।
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अनियमित मासिक धर्म के साथ बहुत अधिक रक्तस्राव होना।
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गर्भावस्था की संभावना होने पर रक्तस्राव के साथ खून के थक्के निकलना।
ऐसे लक्षण हार्मोनल असंतुलन (hormonal imbalance), गर्भाशय की किसी समस्या या अन्य स्त्री रोग संबंधी स्थितियों की ओर संकेत कर सकते हैं। इसलिए समय रहते जांच और सही उपचार करवाना बेहद जरूरी है।
पीरियड्स के दौरान बड़े खून के थक्के आने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? What are the Reasons for Big Blood Clots During the Period?
डॉ. हिमानी कुंडू कहती हैं, "यदि पीरियड्स के दौरान बड़े खून के थक्के बार-बार दिखाई दें, अत्यधिक रक्तस्राव हो या तेज दर्द के साथ यह समस्या बनी रहे, तो इसे केवल भारी पीरियड्स समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे हार्मोनल बदलाव से लेकर गर्भाशय से जुड़ी कई चिकित्सीय स्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं, जिनकी समय पर जांच और सही उपचार आवश्यक है।"
आइए जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान बड़े खून के थक्के आने के पीछे कौन-कौन से सामान्य कारण हो सकते हैं।
1. हार्मोनल असंतुलन
जब एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है, तो गर्भाशय की अंदरूनी परत सामान्य से अधिक मोटी हो सकती है। परिणामस्वरूप पीरियड्स के दौरान अधिक रक्तस्राव होता है और खून के बड़े थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है।
2. गर्भाशय में फाइब्रॉइड्स
फाइब्रॉइड्स गर्भाशय में बनने वाली गैर-कैंसरयुक्त गांठें होती हैं। इनके कारण मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव सामान्य से अधिक हो सकता है, जिससे बड़े खून के थक्के निकलने लगते हैं।
3. एडेनोमायोसिस
इस स्थिति में गर्भाशय की अंदरूनी परत उसकी मांसपेशियों के भीतर बढ़ने लगती है। इसके कारण अत्यधिक रक्तस्राव, तेज दर्द और बार-बार खून के थक्के आने की समस्या हो सकती है।
4. एंडोमेट्रियोसिस
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसा ऊतक गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगता है। इसके कारण दर्दनाक पीरियड्स, अधिक रक्तस्राव और खून के थक्के दिखाई दे सकते हैं।
5. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)
पीसीओएस में हार्मोनल असंतुलन के कारण मासिक धर्म अनियमित हो सकता है। लंबे अंतराल के बाद आने वाले पीरियड्स में रक्तस्राव अधिक होने की वजह से खून के थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है।
6. गर्भपात
यदि गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में भारी रक्तस्राव के साथ बड़े खून के थक्के निकलें, तो यह गर्भपात (miscarriage) का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए स्त्री रोग विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
यदि बड़े खून के थक्के हर माह दिखाई दें या इनके साथ अत्यधिक रक्तस्राव, तेज दर्द, चक्कर आना या कमजोरी महसूस हो, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच कराने से कारण का पता लगाया जा सकता है और आवश्यकता अनुसार उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।
खून के थक्कों के साथ किन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? What are The Period Blood Clot Symptoms?
पीरियड्स के दौरान खून के छोटे-छोटे थक्के कई बार सामान्य हो सकते हैं, लेकिन यदि इनके साथ कुछ अन्य असामान्य लक्षण भी दिखाई दें, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में केवल घरेलू उपायों या दर्द निवारक दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना अधिक सुरक्षित रहता है।
यदि खून के थक्कों के साथ नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए जांच करवानी चाहिए।
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अत्यधिक रक्तस्राव: यदि आपको हर एक या दो घंटे में पैड बदलना पड़ रहा है, रात में भी बार-बार पैड बदलने की जरूरत पड़ती है या रक्तस्राव सामान्य से कहीं अधिक हो रहा है, तो यह सामान्य नहीं माना जाता।
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तेज पेट, पेल्विक या कमर दर्द: हल्का दर्द सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि दर्द इतना अधिक हो कि रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाए या दर्द हर माह लगातार बढ़ता जा रहा हो, तो इसकी जांच जरूरी है।
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बुखार या दुर्गंधयुक्त योनि स्राव: यदि खून के थक्कों के साथ बुखार, दुर्गंधयुक्त डिस्चार्ज या संक्रमण के अन्य लक्षण दिखाई दें, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है और तुरंत चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए।
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कमजोरी, चक्कर आना या सांस फूलना: लंबे समय तक अत्यधिक रक्तस्राव होने से शरीर में खून की कमी (एनीमिया) हो सकती है। इसके कारण लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना या दिल की धड़कन तेज महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
डॉ. हिमानी कुंडू कहती हैं, "यदि खून के थक्कों के साथ अत्यधिक रक्तस्राव (Excessive Bleeding), तेज दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे सामान्य पीरियड्स समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच कराने से समस्या का कारण जल्दी पता चल जाता है और उपचार भी अधिक प्रभावी रहता है।"
पीरियड्स के दौरान खून के थक्कों का इलाज कैसे किया जाता है? How is Period Blood Clots Treated?
पीरियड्स के दौरान खून के थक्के दिखाई देने का कोई एक निश्चित इलाज नहीं होता, क्योंकि इसका उपचार पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है। इसलिए केवल लक्षण देखकर दवा लेना या घरेलू उपचार अपनाना सही नहीं माना जाता।
डॉ. हिमानी कुंडू कहती हैं, "खून के थक्कों का इलाज तभी प्रभावी होता है, जब पहले उनके पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जाए। बिना जांच के केवल लक्षणों का उपचार करना लंबे समय में समस्या को बढ़ा सकता है।"
जांच की रिपोर्ट और आपकी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, गर्भधारण की योजना तथा लक्षणों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर उपचार की सबसे उपयुक्त योजना तैयार करते हैं। आवश्यकता के अनुसार निम्न उपचारों की सलाह दी जा सकती है।
1. हार्मोनल दवाएं
यदि समस्या हार्मोनल असंतुलन के कारण हो रही है, तो हार्मोन को संतुलित करने वाली दवाएं या हार्मोनल उपचार दिए जा सकते हैं। इससे अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित करने और खून के थक्कों की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
2. दर्द और ऐंठन कम करने की दवाएं
यदि पीरियड्स के दौरान तेज दर्द, ऐंठन या असहजता होती है, तो डॉक्टर दर्द कम करने वाली दवाओं की सलाह दे सकते हैं, जिससे दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रखी जा सकें।
3. आयरन सप्लीमेंट्स
लंबे समय तक भारी रक्तस्राव होने से शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया हो सकता है। ऐसी स्थिति में आयरन सप्लीमेंट्स और आयरन से भरपूर आहार लेने की सलाह दी जाती है, ताकि शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बना रहे।
4. मूल कारण का उपचार
यदि जांच में गर्भाशय में फाइब्रॉइड्स, एडेनोमायोसिस, एंडोमेट्रियोसिस, पीसीओएस या कोई अन्य स्त्री रोग संबंधी समस्या सामने आती है, तो डॉक्टर उसी बीमारी के अनुसार उपचार शुरू करतेहैं। कई बार मूल कारण का इलाज होने के बाद खून के थक्कों की समस्या भी अपने आप कम होने लगती है।
5. सर्जिकल उपचार
कुछ मामलों में, जब दवाओं से पर्याप्त लाभ नहीं मिलता या समस्या अधिक गंभीर होती है, तो डॉक्टर सर्जिकल उपचार की सलाह दे सकते हैं। यह निर्णय पूरी तरह मरीज की स्वास्थ्य स्थिति और जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाता है।
ध्यान रखें, बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेना, इंटरनेट पर बताए गए घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना या स्वयं उपचार शुरू करना उचित नहीं है। यदि पीरियड्स के दौरान बार-बार बड़े खून के थक्के, अत्यधिक रक्तस्राव या तेज दर्द की समस्या बनी रहती है, तो समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।
पीरियड में खून के थक्के को रोकने के उपाय How to Prevent Blood Clots in Menstrual Periods?
हर स्थिति में खून के थक्कों को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं होता, क्योंकि कई बार इसके पीछे हार्मोनल बदलाव या अन्य चिकित्सीय कारण होते हैं। फिर भी, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और अपने मासिक धर्म पर नियमित नजर रखकर कई समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
आप इसके लिए कुछ आसान आदतें अपना सकती हैं।
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संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
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आयरन, फोलिक एसिड (Folic Acid) और विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
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नियमित रूप से व्यायाम करें और सक्रिय जीवनशैली (Active Lifestyle) अपनाएं।
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स्वस्थ वजन बनाए रखें।
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पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
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अपने मासिक धर्म के पैटर्न, रक्तस्राव की मात्रा और किसी भी नए बदलाव पर ध्यान दें।
यदि लगातार बड़े खून के थक्के (Big Blood Clots), अत्यधिक रक्तस्राव या अनियमित पीरियड्स (Irregular Periods) की समस्या बनी रहे, तो जांच कराने में देरी न करें।
महिलाओं के स्वास्थ्य की हर समस्या के लिए विशेषज्ञ देखभाल, एक ही स्थान पर
अक्सर महिलाएं पीरियड्स में होने वाले बदलावों को यह सोचकर नजरअंदाज कर देती हैं कि "शायद ऐसा होना सामान्य है।" लेकिन यह शरीर का एक महत्वपूर्ण संकेत भी हो सकता है। ऐसे में केवल लक्षणों को दबाने के बजाय उनकी वास्तविक वजह का पता लगाना अधिक जरूरी होता है।
इसी विश्वास के साथ वर्ष 2002 से मिरेकल्स हेल्थकेयर महिलाओं को व्यापक स्त्री एवं प्रसूति रोग सेवाएं प्रदान कर रहा है। यहाँ 50 से अधिक अनुभवी महिला स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ प्रत्येक महिला की स्वास्थ्य स्थिति, आयु, मासिक धर्म के पैटर्न और भविष्य की प्रजनन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराती हैं।
पीरियड्स में अत्यधिक रक्तस्राव, बार-बार खून के थक्के, अनियमित मासिक धर्म, पीसीओएस, फाइब्रॉइड्स, एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस तथा अन्य स्त्री रोग संबंधी समस्याओं की सटीक पहचान के लिए यहाँ आधुनिक अल्ट्रासाउंड, प्रयोगशाला जांच और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर प्रत्येक महिला के लिए उसकी जरूरत के अनुसार उपचार की योजना तैयार की जाती है।
जरूरत पड़ने पर स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ और अन्य मल्टी-स्पेशियलिटी चिकित्सकों का सहयोग भी उपलब्ध रहता है, ताकि महिलाओं को एक ही स्थान पर समग्र चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। वहीं, स्त्री रोग संबंधी आपातकालीन परिस्थितियों में 24×7 इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, गर्भावस्था और प्रसव से जुड़ी जटिल परिस्थितियों में माँ और नवजात शिशु की बेहतर देखभाल के लिए लेवल-III एनआईसीयू (NICU) जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
गुरुग्राम के सेक्टर-14, सेक्टर-56 और सेक्टर-82 में स्थित मिरेकल्स हेल्थकेयर सेंटर महिलाओं को विशेषज्ञ परामर्श, आधुनिक जांच सुविधाओं और व्यक्तिगत चिकित्सा सेवाओं के साथ एक भरोसेमंद स्वास्थ्य सहयोग प्रदान करते हैं। हमारा उद्देश्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि महिलाओं को जीवन के हर चरण में सही मार्गदर्शन, समय पर चिकित्सा सहायता और बेहतर स्वास्थ्य का विश्वास देना है।
आपकी सेहत इंतजार नहीं करती, तो आप क्यों करें?
पीरियड्स के दौरान छोटे खून के थक्के कई बार सामान्य हो सकते हैं, लेकिन यदि इनके साथ अत्यधिक रक्तस्राव, तेज दर्द, कमजोरी, चक्कर आना या बार-बार बड़े खून के थक्के दिखाई दें, तो यह शरीर का ऐसा संकेत हो सकता है जिसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।
अक्सर महिलाएं दर्द और भारी रक्तस्राव को "हर महीने की बात" समझकर महीनों या वर्षों तक सहती रहती हैं। लेकिन समय पर की गई एक जांच कई गंभीर समस्याओं को शुरुआती अवस्था में ही पहचान सकती है और उपचार को आसान बना सकती है।
यदि आपको भी अपने पीरियड्स में किसी तरह का असामान्य बदलाव महसूस हो रहा है, तो अनुमान लगाने के बजाय मिरेकल्स हेल्थकेयर में अपने नज़दीकी स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynaecologist near you) से सलाह लें। यहाँ अनुभवी विशेषज्ञ, आधुनिक जांच सुविधाएं और व्यक्तिगत उपचार के साथ आपको सही कारण जानने और उचित इलाज शुरू करने में मदद मिलती है, ताकि आप हर महीने अपने स्वास्थ्य को लेकर निश्चिंत रह सकें।
गुरुग्राम में जहाँ भी हों, विशेषज्ञ स्त्री रोग देखभाल अब आपके करीब
महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में सबसे बड़ी चुनौती केवल सही डॉक्टर तक पहुँचना नहीं, बल्कि समय पर लगातार इलाज और फॉलो-अप कर पाना भी होता है। चाहे पीरियड्स की समस्या हो, हार्मोनल असंतुलन, गर्भावस्था की नियमित जांच या किसी स्त्री रोग का उपचार, हर विजिट के लिए लंबी दूरी तय करना कई बार मुश्किल हो जाता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए मिरेकल्स हेल्थकेयर ने गुरुग्राम के अलग-अलग हिस्सों में अपनी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है।
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यदि आप पुराने गुरुग्राम या उसके आसपास रहती हैं, तो Miracles Apollo Cradle और Miracles Mediclinic, सेक्टर-14 में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों की सलाह, गर्भावस्था की देखभाल, अल्ट्रासाउंड, लैब जांच और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हैं।
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वहीं Golf Course Road, Sushant Lok, Sector 54, 56 और 57 के आसपास रहने वाली महिलाओं के लिए Miracles Mediclinic, सेक्टर-56 विशेषज्ञ परामर्श के साथ आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
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इसी तरह New Gurgaon, Dwarka Expressway, Sector 82, 83, 84, 85 और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले परिवार Miracles Apollo Cradle/Spectra, सेक्टर-82 में मातृत्व सेवाओं से लेकर स्त्री रोग उपचार और मल्टी-स्पेशियलिटी सपोर्ट तक की सुविधाएं एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकते हैं।
चाहे आपको नियमित गायनेकोलॉजिस्ट परामर्श की आवश्यकता हो या किसी विशेष स्त्री रोग की जांच और उपचार की, अनुभवी विशेषज्ञों और आधुनिक सुविधाओं के साथ आवश्यक देखभाल आपके नजदीक उपलब्ध है।
अपने सवालों को मन में न रखें, विशेषज्ञ से बात करें
पीरियड्स में होने वाले बदलावों को लेकर मन में सवाल होना बिल्कुल स्वाभाविक है। लेकिन हर सवाल का जवाब इंटरनेट, घरेलू नुस्खों या दूसरों के अनुभवों में नहीं मिलता। यदि आपके पीरियड्स में खून के थक्के, अत्यधिक रक्तस्राव, तेज दर्द या कोई नया बदलाव लगातार दिखाई दे रहा है, तो उसकी वास्तविक वजह जानना सबसे जरूरी है
आप अपनी सुविधा के अनुसार मिरेकल्स हेल्थकेयर के अनुभवी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों से कई माध्यमों से जुड़ सकती हैं।
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व्हाट्सएप पर परामर्श: अपनी रिपोर्ट साझा करें, अपने सवाल पूछें और विशेषज्ञ से मार्गदर्शन प्राप्त करें।
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ऑनलाइन परामर्श: घर बैठे वीडियो कंसल्टेशन के माध्यम से स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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हॉस्पिटल विजिट: अपने नजदीकी मिरेकल्स हेल्थकेयर सेंटर मेंअपॉइंटमेंट बुक करके व्यक्तिगत रूप से डॉक्टर से मिलें।
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फोन पर अपॉइंटमेंट: अपनी सुविधा के अनुसार समय निर्धारित करें और विशेषज्ञ से परामर्श लें।
कॉल करें: 0124-4797600
व्हाट्सएप करें: 98209 65000
Written and Verified by:
Dr. Himani Kundoo Exp: 9
MBBS, MD Obstetrics & Gynaecology, FNB Maternal Fetal Medicine
Frequently Asked Questions
पीरियड्स के दौरान दिखाई देने वाले अधिकांश "मांस के टुकड़े" वास्तव में गर्भाशय की परत और खून के थक्के होते हैं। छोटे थक्के सामान्य हो सकते हैं, लेकिन बड़े और बार-बार आने वाले थक्कों की जांच करानी चाहिए।
आमतौर पर छोटे सिक्के के आकार या उससे छोटे खून के थक्के सामान्य माने जाते हैं। यदि थक्के बार-बार 2.5 सेमी या उससे बड़े हों, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
डॉ. हिमानी का मानना है कि पीरियड्स के शुरुआती दिनों में खून के छोटे, जेली जैसे थक्के बनना सामान्य हो सकता है। हालाँकि, अगर इनके साथ बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग या तेज़ दर्द हो, तो मेडिकल जाँच ज़रूरी है।
सामान्य मासिक धर्म चक्र 21 से 35 दिनों के बीच होता है। यदि पीरियड्स महीने में दो या उससे अधिक बार आने लगें, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
छोटे खून के थक्के अक्सर भारी रक्तस्राव के दौरान शरीर की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। हालांकि, बड़े या बार-बार आने वाले थक्के किसी स्त्री रोग संबंधी समस्या का संकेत भी हो सकते हैं।
यदि खून के थक्के बार-बार बड़े आकार के हों, हर घंटे पैड बदलना पड़े, तेज दर्द, कमजोरी या अत्यधिक रक्तस्राव हो, तो बिना देरी किए स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।


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