लैपटॉप के इस्तेमाल से गर्दन में दर्द क्यों होता है? जानें कारण, बचाव और इलाज के तरीके

Summary

आज के समय में लैपटॉप हमारी दैनिक जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। घर से काम करना हो, ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन मीटिंग्स हों या लगातार ईमेल और रिपोर्ट्स पर काम करना हो, कई लोगों का दिन घंटों लैपटॉप के सामने बैठकर निकल जाता है। लेकिन लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठकर लैपटॉप का इस्तेमाल करना सर्वाइकल पेन (Cervical Pain) या गर्दन के दर्द (Neck Pain) की समस्या को जन्म दे सकता है। शुरुआत में यह दर्द हल्का हो सकता है और आराम करने पर कुछ समय के लिए ठीक भी हो जाता है। लेकिन जब यह समस्या बार-बार होने लगे, तो गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव और खिंचाव पड़ सकता है, जिससे दर्द कंधों, ऊपरी पीठ और कभी-कभी हाथों तक भी पहुंच सकता है। मिरेकल्स हेल्थकेयर गुड़गांव के ऑर्थोपेडिक चिकित्सक (Orthopedic Doctor in Gurgaon) डॉ. सुमित आनंद के अनुसार, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठना गर्दन की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए सही बैठने की मुद्रा अपनाना, बीच-बीच में ब्रेक लेना, गर्दन और कंधों की हल्की एक्सरसाइज करना और लगातार बने रहने वाले दर्द को नजरअंदाज न करना जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर लैपटॉप के लंबे इस्तेमाल से होने वाले गर्दन के दर्द से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करना गर्दन पर पड़ सकता है भारी

सुबह लैपटॉप खोलते हैं और सोचते हैं, “बस आज का काम खत्म कर लूँ।”

फिर एक मीटिंग, उसके बाद ईमेल्स, फिर प्रेजेंटेशन और देखते ही देखते एक और मीटिंग शुरू हो जाती है। इस भागदौड़ में पता ही नहीं चलता कि पिछले 3 से 4 घंटे से गर्दन लगभग एक ही स्थिति में झुकी हुई है।

शाम होते होते गर्दन में दर्द, कंधों में जकड़न और सिर में भारीपन महसूस होने लगता है। फिर हम इसे सामान्य थकान समझकर कहते हैं, “लैपटॉप पर इतना काम करेंगे तो थोड़ा गर्दन दर्द (Tech Neck) होना तो स्वाभाविक है।”

लेकिन क्या वाकई इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देना चाहिए?

यह समस्या कितनी आम है, इसका अंदाजा एक अध्ययन से लगाया जा सकता है। नई दिल्ली में डेस्क जॉब करने वाले 441 कर्मचारियों पर किए गए एक अध्ययन में 43.3% लोगों ने पिछले एक साल के दौरान गर्दन में दर्द की शिकायत की थी। अध्ययन में यह भी पाया गया कि दिन में 4 से 6 घंटे से अधिक कंप्यूटर पर काम करना, गलत बैठने की मुद्रा और स्क्रीन की ऊंचाई जैसे कार्यस्थल से जुड़े कारण गर्दन के दर्द से जुड़े थे।

मिरेकल्स हेल्थकेयर, गुड़गांव के ऑर्थोपेडिस्ट (Orthopedist in Gurgaon) डॉ. सुमित आनंद के अनुसार, “हमारे पास रोजाना गर्दन के दर्द (Neck Pain) से जुड़े कई मामले आते हैं, जिनमें लंबे समय तक लैपटॉप पर बैठकर काम करना एक आम कारण होता है।”

यही वजह है कि लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों के लंबे समय तक इस्तेमाल से होने वाला गर्दन का दर्द, जिसे “टेक नेक” (Tech Neck) कहा जाता है, आज युवा प्रोफेशनल्स, छात्रों, वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों और लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों में भी तेजी से देखने को मिल रहा है।

तो आखिर लैपटॉप पर घंटों काम करने से गर्दन में दर्द क्यों होता है? क्या इसकी वजह सिर्फ गलत बैठने की मुद्रा है? क्या हर गर्दन का दर्द सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस (Cervical Spondylosis) का संकेत होता है? और सबसे जरूरी सवाल, इस दर्द को बढ़ने से रोकने और गर्दन को स्वस्थ रखने के लिए हम क्या कर सकते हैं? आइए, इन सवालों के जवाब आसान भाषा में समझते हैं।

लैपटॉप का इस्तेमाल करने से गर्दन में दर्द क्यों होता है? Why  Does Tech Neck Happen?

लैपटॉप खुद गर्दन के दर्द का कारण नहीं है, बल्कि लैपटॉप पर काम करने का तरीका अक्सर समस्या बन जाता है। लंबे समय तक स्क्रीन को नीचे देखकर काम करना, गर्दन को आगे झुकाए रखना और बिना ब्रेक के घंटों एक ही स्थिति में बैठे रहना गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर लगातार दबाव डाल सकता है।

डॉ. सुमित के अनुसार, “हमारे पास रोजाना गर्दन के दर्द से जुड़े कई मामले आते हैं। इनमें लंबे समय तक लैपटॉप पर एक ही मुद्रा में बैठकर काम करना एक आम कारण होता है। शुरुआत में लोग इसे सामान्य थकान समझते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।”

लैपटॉप से होने वाले गर्दन के दर्द के सामान्य कारण Causes of Tech Neck are:

  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना: लगातार 2 से 4 घंटे तक बिना उठे काम करने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ सकता है, जिससे दर्द और अकड़न हो सकती है।

  • स्क्रीन का बहुत नीचे होना: लैपटॉप की स्क्रीन अक्सर आंखों के स्तर से नीचे होती है। इसे देखने के लिए बार-बार गर्दन झुकाने से मांसपेशियों पर अतिरिक्त खिंचाव पड़ सकता है।

  • आगे झुककर काम करना: स्क्रीन के करीब जाने के लिए आगे झुकने से कंधे आगे आ जाते हैं और गर्दन पर दबाव बढ़ सकता है। लंबे समय तक ऐसी मुद्रा गर्दन के दर्द को बढ़ा सकती है।

  • बिस्तर या सोफे पर काम करना: ऐसी जगहों पर काम करते समय पीठ और गर्दन को पर्याप्त सहारा नहीं मिलता। इससे गर्दन झुकी रहती है और मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ सकता है।

  • लैपटॉप के बाद लगातार मोबाइल देखना: दिनभर लैपटॉप पर काम करने के बाद मोबाइल को नीचे देखकर लंबे समय तक इस्तेमाल करने से गर्दन को आराम नहीं मिल पाता। यह आदत टेक नेक (Tech Neck) जैसी समस्या को बढ़ा सकती है।

इसलिए केवल लैपटॉप पर बिताए गए घंटों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। बैठने की मुद्रा, स्क्रीन की ऊंचाई और बीच-बीच में लिए जाने वाले ब्रेक भी गर्दन की सेहत के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं

लैपटॉप के इस्तेमाल से गर्दन में होने वाले दर्द के सामान्य लक्षण Symptoms of Tech Neck

लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करने के बाद अगर आपकोइनमें से कोई लक्षण महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें:

  • गर्दन में दर्द या अकड़न

  • गर्दन घुमाने में परेशानी

  • कंधों में दर्द या भारीपन

  • ऊपरी पीठ में दर्द या असहजता

  • लंबे समय तक बैठने के बाद गर्दन में खिंचाव

  • सिर के पीछे से शुरू होने वाला सिरदर्द

  • गर्दन से कंधे तक फैलने वाला दर्द

  • हाथ या उंगलियों में झनझनाहट या सुन्नपन

  • हाथों में कमजोरी महसूस होना

  • लंबे समय तक काम करने के बाद दर्द बढ़ना

हर व्यक्ति में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी का पता लगाने के बजाय, लगातार या बढ़ते हुए दर्द की स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

लैपटॉप से होने वाले गर्दन के दर्द से राहत कैसे पाएं How to Cure Tech Neck

अगर लैपटॉप पर काम करने के बाद गर्दन में दर्द, अकड़न या भारीपन महसूस होता है, तो सबसे पहले अपनी रोजमर्रा की काम करने की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। केवल दर्द होने के बाद आराम करना पर्याप्त नहीं है। सही बैठने की मुद्रा, नियमित ब्रेक और हल्की शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर गर्दन पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

अगर गर्दन का दर्द बार-बार होता है या लंबे समय तक बना रहता है, तो टेक नेक ट्रीटमेंट (Tech Neck Treatment) के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। उचित जांच के बाद आपकी समस्या के कारण के अनुसार सही उपचार और व्यायाम की सलाह दी जा सकती है।

  • लैपटॉप की स्क्रीन को सही ऊंचाई पर रखें: कोशिश करें कि लैपटॉप की स्क्रीन बहुत नीचे न हो। स्क्रीन को आंखों के लगभग समान स्तर पर रखने से बार-बार गर्दन झुकाने की जरूरत कम होती है। लंबे समय तक काम करने के लिए लैपटॉप स्टैंड (Laptop Stand) का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है।

  • लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठें: लगातार कई घंटे बैठे रहने के बजाय हर 30 से 45 मिनट में कुछ देर के लिए उठें, थोड़ा चलें और गर्दन व कंधों को आराम दें। इससे मांसपेशियों पर लगातार पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

डॉ. आनंद के अनुसार, “गर्दन के दर्द से बचाव (Prevent Neck Pain) की शुरुआत हमारी रोज़मर्रा की कार्यशैली से होती है। लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में बैठे रहने के बजाय (Prolonged sitting in the same posture) समय-समय पर अपनी मुद्रा बदलना और छोटे ब्रेक लेना जरूरी है। खासकर लैपटॉप पर काम करने वालों को स्क्रीन की सही ऊंचाई, गर्दन और पीठ की उचित पोज़िशन के साथ नियमित अंतराल पर स्ट्रेचिंग का ध्यान रखना चाहिए।”

  • बैठने की मुद्रा सही रखें: काम करते समय पीठ को सहारा दें, कंधों को आराम की स्थिति में रखें और गर्दन को आगे की ओर झुकाने से बचें। लैपटॉप को बहुत पास रखकर काम करने से भी बचना चाहिए।

  • गर्दन और कंधों की हल्की एक्सरसाइज करें: दिन में कुछ मिनट गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग (Light Stretching) करने से जकड़न कम करने और मांसपेशियों (Muscles) को सक्रिय रखने में मदद मिल सकती है। अगर किसी एक्सरसाइज (Exercise) से दर्द बढ़ता है, तो उसे जबरदस्ती न करें।

  • बिस्तर या सोफे पर काम करने की आदत कम करें:आरामदायक लगने के बावजूद बिस्तर या सोफे पर लंबे समय तक लैपटॉप चलाने से गर्दन और पीठ की मुद्रा  (Posture) बिगड़ सकती है। कोशिश करें कि काम करने के लिए ऐसी जगह चुनें जहां पीठ को पर्याप्त सहारा मिले और स्क्रीन सही ऊंचाई पर हो।

  • लैपटॉप के बाद मोबाइल का इस्तेमाल भी सीमित करें: अगर दिनभर लैपटॉप पर काम करने के बाद भी मोबाइल को नीचे देखकर घंटों इस्तेमाल किया जाता है, तो गर्दन को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। इसलिए काम के बीच और बाद में स्क्रीन से कुछ समय का ब्रेक लेना जरूरी है।

  • लगातार बने रहने वाले दर्द को नजरअंदाज न करें: अगर गर्दन का दर्द बार-बार हो रहा है, आराम के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है या इसके साथ हाथ में झनझनाहट (Tingling Sensation), सुन्नपन या कमजोरी (Weakness) महसूस होती है, तो इसे केवल लैपटॉप की थकान मानकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षणों के पीछे गर्दन की नसों या रीढ़ से जुड़ी कोई अन्य समस्या भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर होता है।

याद रखें, लैपटॉप पर काम करना बंद करना हर किसी के लिए संभव नहीं है। जरूरत इस बात की है कि लैपटॉप पर काम करने का तरीका सही हो। सही मुद्रा, नियमित ब्रेक और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शामिल करके लैपटॉप से होने वाले गर्दन के दर्द (Neck Pain) के जोखिम को कम किया जा सकता है।

लैपटॉप पर सही तरीके से कैसे बैठें? How Should You Sit When Using a Laptop?

लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करते समय सही बैठने का तरीका और कार्यस्थल की उचित व्यवस्था गर्दन के दर्द और सर्वाइकल पेन से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप गर्दन, कंधों और पीठ पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को कम कर सकते हैं।

सही मुद्रा बनाए रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • स्क्रीन को आंखों के सामने रखें: लैपटॉप की स्क्रीन इतनी ऊंचाई पर रखें कि काम करते समय आपको बार-बार गर्दन नीचे झुकाने की जरूरत न पड़े। लंबे समय तक काम करने के लिए लैपटॉप स्टैंड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • पीठ को पूरा सहारा दें: ऐसी कुर्सी का इस्तेमाल करें जो आपकी पीठ को पर्याप्त सहारा (Proper Support) दे। बैठते समय कमर और पीठ को कुर्सी से टिकाकर रखें और आगे की ओर झुककर बैठने से बचें।

  • कंधों को आरामदायक स्थिति में रखें: काम करते समय कंधों को ढीले और सहज रखें। उन्हें लगातार ऊपर उठाकर या आगे की ओर झुकाकर रखने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ सकता है।

  • कोहनियों को उचित सहारा दें: कीबोर्ड (Keyboard) पर काम करते समय अपनी कोहनियों को शरीर के पास और आरामदायक स्थिति में रखें। हाथों को लगातार ऊपर उठाकर या बहुत दूर रखकर काम न करें।

  • पैरों को जमीन पर टिकाकर रखें: बैठते समय दोनों पैरों को आराम से जमीन पर रखें। इससे शरीर को बेहतर संतुलन और स्थिरता मिलती है।

  • गर्दन को सीधी और सामान्य स्थिति में रखें: काम करते समय सिर को लगातार आगे की ओर झुकाकर या ठुड्डी को छाती की तरफ करके न बैठें। गर्दन को यथासंभव सीधी और सहज स्थिति में रखें।

  • लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठें: लगातार कई घंटों तक बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलें और गर्दन व कंधों को आराम दें। इससे मांसपेशियों में होने वाली जकड़न को कम करने में मदद मिल सकती है।

गर्दन के दर्द के लिए कौन सी एक्सरसाइज मदद कर सकती हैं? Which Exercises Can Help with Neck Pain?

गर्दन और कंधे की हल्की एक्सरसाइज़ में कुछ लोगों में अकड़न और मांसपेशियों के तनाव को कम करने में मदद कर सकती हैं। हालाँकि, अगर आपको बहुत ज़्यादा दर्द, हाथ में कमज़ोरी या सुन्नपन महसूस होता है, या आपको सर्वाइकल स्पाइन की कोई समस्या है, तो एक्सरसाइज़ शुरू करने से पहले अपने आस-पास के किसी ऑर्थोपेडिस्ट या फिजियोथेरेपिस्ट (Physiotherapist near you)से सलाह लें।

गर्दन के दर्द (सर्वाइकल) के लिए आसान एक्सरसाइज़ Easy Exercises For Neck Pain (Cervical)

  • गर्दन को धीरे-धीरे घुमाना (Gentle Neck Rotation): गर्दन को बिना झटका दिए धीरे-धीरे दाएं और बाएं घुमाएं। इससे गर्दन की मांसपेशियों में होने वाली जकड़न को कम करने में मदद मिल सकती है।

  • कंधों कोघुमाना (Shoulder Rolls): दोनों कंधों को धीरे-धीरे ऊपर, पीछे और नीचे कीओर घुमाएं। यह लंबे समय तक बैठे रहने के कारण कंधों में होने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।

  • ठुड्डी को पीछे की ओर ले जाना (Chin Tuck Exercises): सीधे बैठें और गर्दन को झुकाए बिना ठुड्डी को हल्के से पीछे की ओर ले जाएं। कुछ सेकंड रुककर सामान्य स्थिति में लौटें। यह गर्दन को सही स्थिति में रखने की आदत विकसित करने में मदद कर सकता है।

  • कंधे के ब्लेड को पीछे की ओर खींचना (Shoulder Blade Retraction): सीधे बैठकर दोनों कंधों को पीछे की ओर ले जाएं और कंधे के ब्लेड को हल्के से पास लाने की कोशिश करें। कुछ सेकंड रुकने के बाद आराम करें।

  • ऊपरी पीठ और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग (Light Upper-Back Stretching): लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करने के दौरान ऊपरी पीठ और कंधों की मांसपेशियों में तनाव बढ़ सकता है। हल्की स्ट्रेचिंग मांसपेशियों को आराम देने में मदद कर सकती है।

एक्सरसाइज करते समय इन बातों का ध्यान रखें

एक्सरसाइज हमेशा धीरे और आरामदायक तरीके से करें। गर्दन को जोर से न घुमाएं और किसी भी मूवमेंट को जबरदस्ती करने से बचें। यदि एक्सरसाइज के दौरान दर्द बढ़ता है, हाथ में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होता है, तो एक्सरसाइज रोक दें और डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट (physiotherapist) से सलाह लें।

अगर गर्दन का दर्द (Neck Pain Cervical)  लगातार बना रहता है या बार-बार होता है, तो केवल एक्सरसाइज पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारण की जांच करवाना बेहतर है।

गर्दन के दर्द के लिए डॉक्टर से कब संपर्क करें?

अगर लैपटॉप का इस्तेमाल करने के बाद गर्दन में दर्द, अकड़न, सर्वाइकल पेन या कंधों में असहजता होती है और यह समस्या आराम या मुद्रा में बदलाव के बाद भी ठीक नहीं होती, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

खासकर इन स्थितियों में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ या स्पाइन विशेषज्ञ से संपर्क करें:

  • गर्दन का दर्द लगातार बना रहे या बार-बार वापस आए।

  • दर्द गर्दन से कंधे या हाथ तक फैल रहा हो।

  • हाथों या उंगलियों में सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी महसूस हो।

  • गर्दन को हिलाने में परेशानी या बहुत अधिक अकड़न हो।

  • दर्द रोजमर्रा के काम, नींद या लैपटॉप पर काम करने में परेशानी पैदा कर रहा हो।

  • चोट लगने के बाद गर्दन में तेज दर्द या असहजता शुरू हुई हो।

सर्वाइकल पेन के इलाज के लिए डॉक्टर आपकी symptoms, posture और medical history को समझकर जरूरत के अनुसार जांच कर सकते हैं और उचित treatment approach सुझा सकते हैं।

गर्दन के दर्द को नजरअंदाज न करें, सही समय पर लें विशेषज्ञ की सलाह

लंबे समय तक लैपटॉप का इस्तेमाल करना अपने आप में सर्वाइकल पेन का एकमात्र कारण नहीं है। हालांकि, गलत बैठने की मुद्रा, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना और सही कार्यस्थल व्यवस्था न होना गर्दन और सर्वाइकल स्पाइन पर दबाव बढ़ा सकता है।

सही बैठने की मुद्रा अपनाना, नियमित अंतराल पर ब्रेक लेना और कार्यस्थल को शरीर के अनुसार व्यवस्थित रखना गर्दन पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहता है या इसके साथ हाथों में सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

गर्दन के दर्द को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी और काम में बाधा न बनने दें। अगर गर्दन का दर्द बार-बार हो रहा है या लगातार बना हुआ है, तो आज ही मिरेकल्स हेल्थकेयर, गुड़गांव में अपने नज़दीकी ऑर्थोपेडिस्ट (Orthopedist near you) से सलाह लें और सही जांच व उचित उपचार की दिशा में पहला कदम उठाएं।

गुड़गांव में सर्वाइकल पेन और गर्दन के दर्द के लिए विशेषज्ञ देखभाल

मिरेकल्स हेल्थकेयर वर्ष 2002 से गुड़गांव में परिवारों को गुणवत्तापूर्ण और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला एक विश्वसनीय हड्डी रोग अस्पताल है।

  • 7 लाख से अधिक मरीजों की सेवा करुणामय और मरीज-केंद्रित देखभाल के साथ की जा चुकी है।

  • अनुभवी विशेषज्ञों की टीम हड्डी रोग और इससे जुड़े लक्षणों का मूल्यांकन कर उचित उपचार की सलाह देती है।

  • एक ही स्थान पर बहुविशेषता वाली चिकित्सा सुविधाएं, जहां जरूरत पड़ने पर ऑर्थोपेडिक्स, फिजियोथेरेपी, न्यूरोलॉजी और अन्य विशेषज्ञताओं की सहायता उपलब्ध है।

  • उन्नत जांच सुविधाएं लगातार बने रहने वाले गर्दन के दर्द और उससे जुड़ी समस्याओं के संभावित कारणों की पहचान में मदद करती हैं।

  • 24×7 आपातकालीन सेवाएं गंभीर लक्षणों या चोट के कारण होने वाले गर्दन के दर्द में समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान करती हैं।

  • सेक्टर 14, सेक्टर 56 और सेक्टर 82 में केंद्र, जिससे गुड़गांव के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होती है।

  • परामर्श के कई विकल्प, जिनमें व्हाट्सऐप +91 9820965000 , फोन पर अपॉइंटमेंट 0124-4797600, ऑनलाइन बुकिंग, सीधे अस्पताल आकर परामर्श, शाम की ओपीडी और वीडियो परामर्श शामिल हैं।

अगर लंबे समय तक लैपटॉप का इस्तेमाल, गलत बैठने की मुद्रा या बार-बार होने वाला गर्दन का दर्द आपकी रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है, तो समय पर चिकित्सकीय जांच कराना समस्या के कारण को समझने और उचित उपचार की दिशा तय करने में मदद कर सकता है।

गुड़गांव में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ की तलाश कर रहे हैं? मिरेकल्स हेल्थकेयर से परामर्श लें और गर्दन या सर्वाइकल पेन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल प्राप्त करें। बेहतर आराम और गतिशीलता की दिशा में आज ही सही कदम उठाएं।

Written and Verified by:

Dr. Sumit Anand Exp: 14

MBBS, MS(Orthopedic), FIJR( AIIMS, New Delhi)


Frequently Asked Questions

डॉ. आनंद के अनुसार लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठना, स्क्रीन की गलत ऊंचाई और लगातार एक ही स्थिति में काम करना गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ा सकता है।

हां, लंबे समय तक लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय गलत मुद्रा या स्क्रीन की गलत स्थिति गर्दन में दर्द और अकड़न का कारण बन सकती है।

आराम, हल्की गर्दन की एक्सरसाइज और गर्म या ठंडी सिकाई से अस्थायी राहत मिल सकती है। तेज या लगातार दर्द में डॉक्टर से सलाह लें।

दर्द की दवा डॉक्टर की सलाह से ही लें, क्योंकि सही दवा दर्द के कारण और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।

हां, ऐसा तकिया चुनें जो गर्दन को प्राकृतिक स्थिति में सहारा दे और बहुत ऊंचा या बहुत नीचा न हो।

कभी-कभी गर्दन का दर्द गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, खासकर अगर इसके साथ हाथों में सुन्नपन, कमजोरी या तेज झनझनाहट हो। ऐसे लक्षणों में डॉक्टर से परामर्श लें।