शरीर का सामान्य तापमान कितना होना चाहिए?
- Overview
- इंसानी शरीर का सामान्य तापमान क्या होता है? What is Normal Body Temperature of Human Body in Hindi
- इंसानी शरीर का औसत तापमान कितना होता है? What is Average Human Body Temperature?
- उम्र के अनुसार सामान्य शरीर का तापमान कितना होता है? What is Normal Body Temperature by Age?
- महिलाओं और पुरुषों में सामान्य शरीर का तापमान कितना होता है? What is Normal Body Temperature by Sex?
- शरीर का तापमान क्यों बढ़ता है? What Makes Your Body Temperature Rise?
- क्या शरीर का कम तापमान खतरनाक होता है? Is a Low Body Temperature Dangerous?
- कौन-कौन से कारक शरीर के तापमान को प्रभावित करते हैं? Which Factors Affect Body Temperature?
- शरीर का सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए मिरेकल्स हेल्थकेयर के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों के सुझाव
- डॉक्टर से कब परामर्श लेना चाहिए?
- सही तापमान की पहचान के साथ विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी है जरूरी
Summary
Overview
शरीर का तापमान हमारी स्वास्थ्य स्थिति को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति में सामान्य शरीर तापमान (Normal Body Temperature) आमतौर पर लगभग 98.6°F (37°C) के आसपास माना जाता है, लेकिन यह हर व्यक्ति में समान नहीं होता। कई स्वस्थ लोगों में 97°F से 99°F के बीच का तापमान भी सामान्य सीमा में आ सकता है।
अक्सर लोग थर्मामीटर पर 99°F या 100°F देखकर तुरंत इसे बुखार समझ लेते हैं या बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं। हालांकि, शरीर के तापमान में होने वाले हर बदलाव का मतलब बीमारी नहीं होता। तापमान की रीडिंग कई सामान्य कारणों से प्रभावित हो सकती है, जैसे व्यक्ति की उम्र, दिन का समय, मौसम, शारीरिक मेहनत, तनाव और तापमान मापने का तरीका।
वहीं, यदि शरीर में संक्रमण, सूजन, पानी की कमी (Dehydration) या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या हो, तो तापमान सामान्य स्तर से अधिक बढ़ सकता है या कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में केवल बुखार को नियंत्रित करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि तापमान में बदलाव के पीछे छिपे कारण को समझना भी जरूरी होता है।
मिरेकल्स हेल्थकेयर, गुड़गांव के अनुभवी इंटरनल मेडिसिन डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक रहने वाला बुखार या बार-बार बढ़ता शरीर का तापमान किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर होता है। सही जांच और उचित उपचार से समस्या के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सकता है और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि इंसानी शरीर का सामान्य तापमान (Normal Body Temperature of Human Body) कितना होता है, सामान्य तापमान की रेंज क्या है और किन स्थितियों में डॉक्टर से मिलना चाहिए?
इंसानी शरीर का सामान्य तापमान क्या होता है? What is Normal Body Temperature of Human Body in Hindi
सामान्य शरीर तापमान को लेकर सबसे आम धारणा यह है कि हर व्यक्ति का तापमान 98.6°F (37°C) होना चाहिए। यह आंकड़ा लंबे समय से सामान्य तापमान के मानक के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, नए शोधों से पता चलता है कि शरीर का तापमान (Body Temperature) व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकता है और सभी के लिए एक ही संख्या को सामान्य नहीं माना जा सकता।
नए अध्ययनों के अनुसार, स्वस्थ वयस्कों का औसत शरीर तापमान पहले माने जाने वाले 98.6°F से थोड़ा कम हो सकता है। वहीं, सामान्य शरीर तापमान की सामान्य सीमा (Normal Body Temperature Range) लगभग 97°F से 99°F (36.1°C से 37.2°C) तक मानी जाती है। यह अंतर उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, शारीरिक गतिविधि, हार्मोनल बदलाव, मौसम और तापमान मापने की जगह के कारण हो सकता है।
शरीर का तापमान पूरे दिन एक जैसा नहीं रहता। हमारा शरीर एक प्राकृतिक तापमान नियंत्रण प्रक्रिया (Thermoregulation) के माध्यम से अंदरूनी तापमान को संतुलित रखता है। आमतौर पर सुबह शरीर का तापमान थोड़ा कम और दिन के अंत में थोड़ा अधिक हो सकता है, जो शरीर की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
इसलिए यदि किसी व्यक्ति का तापमान 98.6°F से थोड़ा कम या अधिक है, तो केवल इस आधार पर उसे असामान्य नहीं माना जा सकता। शरीर के तापमान का सही मूल्यांकन करने के लिए व्यक्ति की सामान्य स्थिति, उम्र और अन्य लक्षणों को ध्यान में रखना जरूरी होता है। लगातार बहुत अधिक या बहुत कम तापमान किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है, जिसके लिए चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है।
मिरेकल्स हेल्थकेयर, गुड़गांव की सीनियर इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर (Internal Medicine Doctor in Gurgaon) डॉ. स्वाति कपूर के अनुसार, “शरीर का तापमान समझते समय केवल नंबर नहीं, बल्कि व्यक्ति के लक्षण और स्वास्थ्य स्थिति (Health Status) को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
इंसानी शरीर का औसत तापमान कितना होता है? What is Average Human Body Temperature?
आमतौर पर 98.6°F (37°C) को इंसानी शरीर का औसत तापमान माना जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर स्वस्थ व्यक्ति का तापमान हमेशा इतना ही होगा। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए सामान्य तापमान में थोड़ा अंतर होना बिल्कुल सामान्य है।
हाल के शोध बताते हैं कि कई स्वस्थ लोगों का औसत शरीर तापमान 97.5°F से 97.9°F (36.4°C से 36.6°C) के बीच हो सकता है। यही वजह है कि आज डॉक्टर केवल 98.6°F पर निर्भर रहने के बजाय तापमान की पूरी सामान्य सीमा को ध्यान में रखते हैं।
शरीर का तापमान दिनभर भी बदल सकता है। सुबह के समय यह थोड़ा कम और शाम के समय थोड़ा अधिक हो सकता है। इसके अलावा, उम्र, शारीरिक गतिविधि, मौसम, हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes) और तापमान मापने का तरीका भी रीडिंग को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए यदि आपका तापमान 98.6°F से थोड़ा कम या अधिक है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। जब तक तापमान सामान्य सीमा में है और इसके साथ कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं, तब तक इसे सामान्य माना जा सकता है।
डॉ. स्वाति का कहना है, "98.6°F को सामान्य तापमान का मानक माना जाता है, लेकिन हर व्यक्ति का सामान्य तापमान इससे थोड़ा अलग हो सकता है।"
उम्र के अनुसार सामान्य शरीर का तापमान कितना होता है? What is Normal Body Temperature by Age?
शरीर का सामान्य तापमान हर उम्र में एक जैसा नहीं होता। नवजात शिशुओं, बच्चों, वयस्कों और बुजुर्गों में शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता अलग-अलग होती है। इसलिए सामान्य तापमान की रीडिंग में भी थोड़ा अंतर देखा जा सकता है।
1. नवजात शिशु (Newborns)
नवजात शिशुओं का शरीर अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए उनके शरीर का तापमान वातावरण के अनुसार जल्दी बदल सकता है। आमतौर पर 97.9°F से 99.5°F (36.6°C से 37.5°C) तक का तापमान सामान्य माना जाता है।
2. शिशु और छोटे बच्चे (Infants & Children)
बच्चों का सामान्य शरीर तापमान (Normal Body Temperature For Baby) आमतौर पर 97.9°F से 99°F (36.6°C से 37.2°C) के बीच हो सकता है। बच्चों में संक्रमण होने पर तापमान तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए बुखार के साथ अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
3. वयस्क (Adults)
स्वस्थवयस्कोंमें सामान्य शरीर का तापमान (Normal Body Temperature For Adults) लगभग 97°Fसे 99°F (36.1°C से 37.2°C) के बीच माना जाता है। हालांकि, दिनके समय, शारीरिक गतिविधि और हार्मोनल बदलाव के कारण इसमें हल्का उतार-चढ़ाव होना सामान्य है।
4. बुजुर्ग (Older Adults)
बढ़ती उम्र के साथ शरीर का सामान्य तापमान थोड़ा कम हो सकता है। कई बुजुर्गों में 97°F (36.1°C) के आसपास का तापमान भी सामान्य हो सकता है। इसलिए उनमें हल्का बुखार भी किसी संक्रमण या बीमारी का संकेत हो सकता है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
ध्यान रखें
उम्र के अनुसार सामान्य तापमान में थोड़ा अंतर होना स्वाभाविक है। इसलिए केवल थर्मामीटर की रीडिंग के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और साथ में मौजूद लक्षणों का भी मूल्यांकन करना जरूरी है।
महिलाओं और पुरुषों में सामान्य शरीर का तापमान कितना होता है? What is Normal Body Temperature by Sex?
महिलाओं और पुरुषों के शरीर का सामान्य तापमान थोड़ा अलग हो सकता है। इसका मुख्य कारण हार्मोनल बदलाव, मेटाबॉलिज्म और शरीर की जैविक प्रक्रियाओं में अंतर है।
1. महिलाओं में सामान्य शरीर का तापमान (Normal body temperature in women)
महिलाओं का शरीर तापमान मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle) के दौरान बदल सकता है। ओव्यूलेशन (Ovulation) के बाद प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ने के कारण शरीर का तापमान लगभग 0.5°F से 1°F (0.3°C से 0.6°C) तक बढ़ सकता है। गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति (Menopause) के दौरान भी तापमान में हल्के बदलाव देखे जा सकते हैं।
2. पुरुषों में सामान्य शरीर का तापमान (Normal body temperature in men)
पुरुषों में शरीर का तापमान अपेक्षाकृत अधिक स्थिर रहता है, क्योंकि उनमें महिलाओं की तरह मासिक हार्मोनल बदलाव नहीं होते। हालांकि, व्यायाम, तनाव, संक्रमण और मौसम जैसे कारकों के कारण तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव सामान्य है।
डॉ. स्वाति कहती हैं, "महिलाओं और पुरुषों के शरीर का तापमान पूरी तरह समान नहीं होता। हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं में तापमान में प्राकृतिक परिवर्तन होना सामान्य है।"
शरीर का तापमान क्यों बढ़ता है? What Makes Your Body Temperature Rise?
शरीर का तापमान बढ़ना हमेशा बुखार या गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। कई बार यह शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया भी हो सकती है। तापमान बढ़ने के कुछ सामान्य कारण हैं:
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संक्रमण (Infections): वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण होने पर शरीर रोगाणुओं से लड़ने के लिए तापमान बढ़ा सकता है।
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शारीरिक गतिविधि (Exercise): अधिक व्यायाम या भारी शारीरिक मेहनत करने के बाद शरीर गर्म हो सकता है और तापमान कुछ समय के लिए बढ़ सकता है।
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गर्म मौसम (Hot Weather): अत्यधिक गर्म वातावरण या लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है।
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डिहाइड्रेशन (Dehydration): शरीर में पानी की कमी होने पर तापमान नियंत्रण प्रभावित हो सकता है।
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हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes): महिलाओं में ओव्यूलेशन, गर्भावस्था और मेनोपॉज़ के दौरान तापमान में हल्का बदलाव हो सकता है।
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कुछ दवाइयां और वैक्सीन (Medicine and Vaccine): कुछ दवाइयों या टीकाकरण के बाद हल्का बुखार या तापमान बढ़ना शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है।
क्या शरीर का कम तापमान खतरनाक होता है? Is a Low Body Temperature Dangerous?
शरीर का तापमान केवल बढ़ना ही नहीं, बल्कि सामान्य से कम होना भी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। यदि शरीर का तापमान 95°F (35°C) से नीचे चला जाए, तो इसे हाइपोथर्मिया (Hypothermia) कहा जाता है, जिसके लिए तुरंत चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता हो सकती है। यदि कम तापमान के साथ कंपकंपी, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम, बोलने में कठिनाई या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत आपके आस-पास इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर (Internal Medicine Doctor Near You) से संपर्क करना चाहिए।
कौन-कौन से कारक शरीर के तापमान को प्रभावित करते हैं? Which Factors Affect Body Temperature?
हर व्यक्ति का शरीर तापमान कई कारणों से प्रभावित हो सकता है। इनमें प्रमुख हैं:
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उम्र (Age): बच्चों और बुजुर्गों में तापमान अलग हो सकता है।
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दिन का समय (Time of Day): सुबह तापमान थोड़ा कम और शाम को थोड़ा अधिक हो सकता है।
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शारीरिक गतिविधि (Physical Activity): व्यायाम के बाद तापमान बढ़ सकता है।
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मौसम (Weather): अत्यधिक गर्म या ठंडा वातावरण तापमान को प्रभावित कर सकता है।
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हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes): विशेष रूप से महिलाओं में।
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संक्रमण (Infections): वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण में बुखार हो सकता है।
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तनाव (Stress): मानसिक तनाव भी कुछ लोगों में तापमान को प्रभावित कर सकता है।
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तापमान मापने का तरीका: मुंह, बगल, कान या मलाशय से मापी गई रीडिंग में थोड़ा अंतर हो सकता है।
शरीर का सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए मिरेकल्स हेल्थकेयर के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों के सुझाव
हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से अपने तापमान को संतुलित रखने का काम करता है। हालांकि, रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाकर आप इस प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखने और कई स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। मिरेकल्स हेल्थकेयर, गुड़गांव के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ निम्नलिखित सुझाव देते हैं:
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पर्याप्त पानी पिएं, खासकर गर्मियों में, बुखार के दौरान या शारीरिक गतिविधि के बाद, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
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संतुलित और पौष्टिक आहार लें, जिसमें पर्याप्त विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन शामिल हों, ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।
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मौसम के अनुसार कपड़े पहनें। अत्यधिक गर्मी या ठंड से बचाव शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है।
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नियमित रूप से व्यायाम करें, लेकिन जरूरत से ज्यादा शारीरिक मेहनत करने से बचें और शरीर को पर्याप्त आराम भी दें।
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रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें, क्योंकि पर्याप्त आराम शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के साथ तापमान नियंत्रण में भी मदद करता है।
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शराब और अत्यधिक कैफीन का सेवन सीमित करें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी पैदा कर सकते हैं।
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बिना डॉक्टर की सलाह के बुखार की दवाइयां लेने से बचें। यदि तापमान बार-बार बढ़ रहा है या इसके साथ कमजोरी, ठंड लगना, सांस लेने में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षण हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लें।
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डिजिटल थर्मामीटर का सही तरीके से उपयोग करें और यदि तापमान लगातार सामान्य सीमा से बाहर रहे, तो जांच करवाने में देरी न करें।
डॉ. स्वाति कहती हैं, "स्वस्थ जीवनशैली, पर्याप्त पानी, संतुलित आहार और समय पर चिकित्सकीय सलाह शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
डॉक्टर से कब परामर्श लेना चाहिए?
शरीर के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव सामान्य हो सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि तापमान के साथ गंभीर लक्षण दिखाई दें या यह लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से परामर्श ले।
निम्नलिखित परिस्थितियों में चिकित्सकीय सलाह लें:
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100.4°F (38°C) या उससे अधिक बुखार हो।
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बुखार 2-3 दिनों से अधिक बना रहे।
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यदि शरीर का तापमान 95°F (35°C) से कम हो जाए।
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बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, भ्रम, बेहोशी या दौरे जैसे लक्षण हों।
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लगातार शरीर में दर्द, कमजोरी, ठंड लगना या डिहाइड्रेशन महसूस हो।
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3 महीने से कम उम्र के शिशु को बुखार हो।
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बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं या पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ितव्यक्ति को बुखार आए।
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तापमान बार-बार बढ़ता या घटता रहे और इसका कारण स्पष्ट न हो।
डॉ. स्वाति सलाह देती हैं, "यदि शरीर का तापमान सामान्य नहीं हो रहा है या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण भी मौजूद हैं, तो स्वयं इलाज करने के बजाय समय पर डॉक्टर से जांच कराना बेहतर होता है।"
सही तापमान की पहचान के साथ विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी है जरूरी
शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर या नीचे होना हमेशा चिंता की बात नहीं होती। लेकिन यदि बुखार बार-बार हो रहा है, कई दिनों तक बना रहता है या इसके साथ लगातार कमजोरी, ठंड लगना, शरीर में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। ऐसे समय में सही कारण की पहचान ही सही उपचार की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी होती है।
वर्ष 2002 से 7 लाख+ मरीजों का विश्वास जीतने वाला मिरेकल्स हेल्थकेयर, गुड़गांव के अग्रणी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स (Multispeciality Hospital in Gurgaon) में से एक है। यहां हमारा उद्देश्य केवल बुखार या असामान्य शरीर तापमान का उपचार करना नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे वास्तविक कारण की पहचान करना है।
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हमारे अनुभवी Internal Medicine Specialists आपकी स्वास्थ्य स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री और आवश्यक जांच के आधार पर सटीक निदान कर व्यक्तिगत (Personalized) उपचार योजना तैयार करते हैं, ताकि आपको सही समय पर सही इलाज मिल सके।
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यदि जांच के दौरान किसी अन्य विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है, तो मल्टीस्पेशियलिटी सपोर्ट के कारण आपको एक ही स्थान पर विभिन्न विशेषज्ञों की सलाह और उपचार की सुविधा मिल जाती है।
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विशेषज्ञ से जुड़ना है आसान
आप अपनी सुविधा के अनुसार डॉक्टर से परामर्श लेने का तरीका चुन सकते हैं:
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हॉस्पिटल विजिट करके विशेषज्ञ डॉक्टर से आमने-सामने परामर्श लें।
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ऑनलाइन वीडियो कंसल्टेशन के माध्यम से घर बैठे सलाह प्राप्त करें।
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WhatsApp पर अपनी मेडिकल रिपोर्ट साझा करें और विशेषज्ञ से मार्गदर्शन लें।अभी WhatsApp करें: 9820965000
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फोन पर 0124-4797600 अपॉइंटमेंट बुक करें और अपनी सुविधानुसार समय निर्धारित करें।
स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-सी सावधानी भी भविष्य में बड़ी परेशानियों से बचा सकती है। यदि शरीर का तापमान बार-बार सामान्य सीमा से बाहर जा रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ से सलाह लें, आवश्यक जांच करवाएं और सही उपचार के साथ स्वस्थ जीवन की ओर पहला कदम बढ़ाएं।
Written and Verified by:
Dr. Swati Kapoor Exp: 6
MBBS, DNB (Medicine)
Frequently Asked Questions
एक स्वस्थ व्यक्ति का सामान्य शरीर तापमान आमतौर पर 97°F से 99°F के बीच होता है। 98.6°F (37°C) को औसत सामान्य तापमान माना जाता है।
नहीं। 98.4°F सामान्य शरीर तापमान की सीमा में आता है और इसे बुखार नहीं माना जाता।
गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है। सामान्यतः 97°F से 99°F के बीच का तापमान सामान्य माना जाता है।
9 महीने के शिशु का सामान्य शरीर तापमान आमतौर पर 97.9°F से 99°F (36.6°C से 37.2°C) के बीच हो सकता है। 100.4°F (38°C) या उससे अधिक तापमान होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
94°F (34.4°C) शरीर का तापमान सामान्य से काफी कम होता है और यह हाइपोथर्मिया (Hypothermia) का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है


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