सर्दियों में रूमेटॉइड आर्थराइटिस: बढ़ते दर्द के कारण और राहत के उपाय

Summary

सर्दियों में रूमेटॉइड आर्थराइटिस का दर्द ठंड, कम ब्लड सर्कुलेशन और जोड़ों की जकड़न के कारण बढ़ जाता है। सही देखभाल, संतुलित आहार, हल्की एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह से इस दर्द में काफी राहत पाई जा सकती है। समय पर सही कदम उठाकर सर्दियों में भी जोड़ों को स्वस्थ और सक्रिय रखा जा सकता है।

जैसे ही सर्दियों का मौसम शुरू होता है, रूमेटॉइड आर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) से पीड़ित मरीजों की परेशानियां बढ़ने लगती हैं। ठंडी हवा, गिरता तापमान और कम धूप की वजह से जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न काफी बढ़ जाती है। कई लोगों को सुबह उठते ही हाथ-पैर हिलाने में भी दिक्कत होने लगती है। अगर आपको भी सर्दियों में जोड़ों का दर्द (joint pain) बढ़ जाता है, तो इसके पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। आइए डॉक्टर की सलाह से इसे विस्तार से समझते हैं।

सर्दियों में रूमेटॉइड आर्थराइटिस का दर्द क्यों बढ़ता है? Rheumatoid Arthritis Reasons in Winter?

सर्दियों का मौसम रूमेटॉइड आर्थराइटिस के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ठंड बढ़ते ही जोड़ों में दर्द, सूजन (swelling) और अकड़न (stiffness) पहले से ज्यादा महसूस होने लगती है। इसके पीछे कई शारीरिक और वातावरण से जुड़े कारण होते हैं। उन कारणों में शामिल हो सकते हैं:

1. ठंड के कारण ब्लड फ्लो कम होना

सर्दियों में तापमान गिरते ही शरीर अपनी गर्मी बनाए रखने के लिए रक्त नलिकाओं को सिकोड़ लेता है। जब ऐसा होता है, तो जोड़ों तक खून और ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है। इसके कारण जोड़ों के आसपास सूजन बढ़ने लगती है और दर्द ज्यादा महसूस होता है। पहले से सूजे हुए जोड़ों में यह स्थिति परेशानी और बढ़ा देती है।

2. मांसपेशियों और लिगामेंट्स में जकड़न

कम तापमान का सीधा असर मांसपेशियों और लिगामेंट्स पर पड़ता है। ठंड में ये सख्त और टाइट हो जाते हैं, जिससे जोड़ों की मूवमेंट सीमित हो जाती है। इसी वजह से सुबह उठते समय हाथ-पैर सीधा करने में ज्यादा दर्द और stiffness महसूस होती है, जो कई बार घंटों तक बनी रह सकती है।

डॉ. सुमित आनंद, सीनियर ऑर्थोपेडिस्ट (orthopaedist in Gurgaon), मिरेकल्स हेल्थकेयर, गुरुग्राम कहते हैं, “सर्दियों में मांसपेशियों और लिगामेंट्स की flexibility कम हो जाती है। जब जोड़ों को सही मूवमेंट नहीं मिलती, तो रूमेटॉइड आर्थराइटिस के मरीजों में सुबह की जकड़न और दर्द ज्यादा समय तक बना रहता है। ऐसे में हल्की स्ट्रेचिंग और शरीर को गर्म रखना बहुत जरूरी होता है।”

3. मौसम में बदलाव और हवा का दबाव

सर्दियों में वातावरण के दबाव यानी Barometric Pressure में लगातार बदलाव होता रहता है। यह बदलाव जोड़ों के अंदर मौजूद फ्लूइड पर असर डालता है। दबाव कम होने पर जोड़ों के आसपास के टिश्यू फैलने लगते हैं, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और दर्द ज्यादा महसूस होता है।

4. शारीरिक गतिविधि में कमी

ठंड की वजह से लोग बाहर निकलना कम कर देते हैं और एक्सरसाइज को टालने लगते हैं। लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में बैठे रहने से जोड़ों में अकड़न बढ़ जाती है। जब जोड़ों की नियमित मूवमेंट नहीं होती, तो दर्द और सूजन अपने आप बढ़ने लगती है।

5. विटामिन D की कमी

सर्दियों में धूप कम मिलने से शरीर में विटामिन D का लेवल गिर जाता है। विटामिन D हड्डियों और जोड़ों को मजबूत रखने के लिए बहुत जरूरी होता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और रूमेटॉइड आर्थराइटिस के मरीजों में जोड़ों का दर्द ज्यादा बढ़ सकता है ।

सर्दियों में रूमेटॉइड आर्थराइटिस से राहत के असरदार उपाय Rheumatoid Arthritis Treatment at Home

सर्दियों में सही देखभाल अपनाकर रूमेटॉइड आर्थराइटिस के दर्द और सूजन को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नीचे दिए गए उपाय नियमित रूप से अपनाने से जोड़ों की जकड़न कम होती है और रोज़मर्रा की ज़िंदगी आसान बनती है।

1. शरीर और जोड़ों को गर्म रखें

सर्दियों में ठंड से बचाव सबसे ज़रूरी होता है।

  • हमेशा गर्म कपड़े पहनें और खासतौर पर घुटनों, कलाई, कोहनी और टखनों को ढककर रखें।

  • ऊनी मोज़े, ग्लव्स और नी-कैप्स का इस्तेमाल करने से जोड़ों को गर्माहट मिलती है और दर्द कम होता है।

  • ठंडी हवा, एसी या पंखे की सीधी हवा से बचें, क्योंकि इससे जकड़न और बढ़ सकती है।

2. गुनगुने पानी से सेक या स्नान

  • गुनगुना पानी जोड़ों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।

  • रोज़ गुनगुने पानी से नहाने से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं।

  • दर्द वाले जोड़ों पर हॉट फोमेंटेशन करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सूजन कम होती है।

  • सुबह के समय गर्म पानी का इस्तेमाल करने से stiffness जल्दी कम होती है।

3. हल्की एक्सरसाइज और नियमित स्ट्रेचिंग

  • ठंड में एक्सरसाइज बंद करना दर्द को और बढ़ा सकता है।

  • रोज़ाना हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें ताकि जोड़ों की मूवमेंट बनी रहे।

  • योग, वॉकिंग और फिजियोथेरेपी एक्सरसाइज जोड़ों को लचीला बनाए रखने में मदद करती हैं।

  • लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से बचें और बीच-बीच में हल्की मूवमेंट करते रहें।

4. संतुलित और एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट अपनाएं

सही खान-पान से सूजन और दर्द दोनों को कंट्रोल किया जा सकता है।

अपनी डाइट में शामिल करें:

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे अखरोट, अलसी के बीज और मछली

  • हरी पत्तेदार सब्ज़ियां और ताजे फल

  • हल्दी और अदरक, जो प्राकृतिक रूप से सूजन कम करते हैं

  • दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी

  • साथ ही, तले-भुने, ज्यादा मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं, क्योंकि ये सूजन बढ़ा सकते हैं।

5. विटामिन D और कैल्शियम का पूरा ध्यान रखें

विटामिन D और कैल्शियम हड्डियों और जोड़ों की मजबूती के लिए बहुत जरूरी हैं।

  • सर्दियों में धूप कम मिलने से इनकी कमी हो सकती है।

  • डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना फायदेमंद रहता है।

  • जब भी संभव हो, सुबह की हल्की धूप में कुछ समय जरूर बिताएं।

6. दवाइयों में लापरवाही बिल्कुल न करें

रूमेटॉइड आर्थराइटिस की दवाइयां लंबे समय तक ली जाती हैं।

  • सर्दियों में दर्द बढ़ने पर खुद से दवा बंद या बदलना नुकसानदायक हो सकता है।

  • हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाइयां लें और फॉलो-अप मिस न करें।

  • सही इलाज से जोड़ों को होने वाले स्थायी नुकसान से बचा जा सकता है।

7. तनाव से दूरी बनाकर रखें

मानसिक तनाव भी जोड़ों के दर्द को बढ़ा सकता है।

  • रोज़ाना ध्यान और गहरी सांस लेने की आदत डालें।

  • पूरी नींद लें ताकि शरीर को आराम मिल सके।

  • सकारात्मक सोच और तनाव-मुक्त जीवनशैली दर्द को कंट्रोल करने में मदद करती है।

और अधिक पढ़े: रूमेटाइड आर्थराइटिस के कारण, लक्षण, निदान और इलाज

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

  • जब दर्द असहनीय हो जाए

  • जोड़ों में बहुत ज्यादा सूजन या लालिमा हो

  • सुबह की जकड़न 1 घंटे से ज्यादा रहे

  • दवाइयों से आराम न मिले

समय पर इलाज से जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।

निष्कर्ष:

सर्दियों में रूमेटॉइड आर्थराइटिस का दर्द बढ़ना आम बात है, लेकिन सही देखभाल, नियमित एक्सरसाइज, संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। ठंड के मौसम में अपने जोड़ों को नज़रअंदाज़ न करें और समय रहते सही कदम उठाएं। अगर आप या आपके परिवार में कोई रूमेटॉइड आर्थराइटिस के लक्षण (rheumatoid arthritis symptoms) से परेशान है, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही कदम है। आज ही मिरेकल्स हेल्थकेयर में अपने नजदीकी ऑर्थोपेडिस्ट से अपॉइंटमेंट बुक करें और सर्दियों में भी दर्द से राहत पाएं। समय पर रूमेटॉइड आर्थराइटिस के इलाज (rheumatoid arthritis treatment) से आप दर्द से राहत पाकर बेहतर जीवन जी सकते हैं।

मिरेकल्स हेल्थकेयर  एक भरोसेमंद मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल है, जहाँ ऑर्थोपेडिक्स, फिजियोथेरेपी और सभी ज़रूरी डायग्नोस्टिक जाँचें एक ही जगह पर उपलब्ध हैं। यहाँ अनुभवी डॉक्टर और आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ों के दर्द और रूमेटॉइड आर्थराइटिस का सही और प्रभावी इलाज किया जाता है।

यह जानने के लिए कि Miracles Healthcare में जोड़ों के दर्द और रूमेटॉइड आर्थराइटिस के मरीजों का विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा कैसे सफल इलाज किया गया और उन्हें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में राहत मिली, हमारी केस स्टडी पढ़ें।


Frequently Asked Questions

रुमेटीइड गठिया के दर्द के लिए NSAIDs, DMARDs और बायोलॉजिक दवाइयां दर्द और सूजन को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

हाँ, ठंड और नमी की वजह से जोड़ों की जकड़न और ऑस्टियोआर्थराइटिस का दर्द बढ़ सकता है।

सर्दियों में कम ब्लड सर्कुलेशन, मांसपेशियों की जकड़न और विटामिन D की कमी हड्डियों में दर्द बढ़ा सकती है।

लंबे समय तक बैठे रहना, भारी वजन उठाना और डॉक्टर से सलाह लिए बिना दवाइयां बदलना रुमेटॉइड आर्थराइटिस के लिए हानिकारक हो सकता है।