गले का संक्रमण: कारण, जांच और इलाज की पूरी जानकारी

Summary

गले में दर्द, खराश, जलन या निगलने में परेशानी कई कारणों से हो सकती है। वायरस और बैक्टीरिया गले के संक्रमण के प्रमुख कारण हैं, लेकिन एलर्जी, वायु प्रदूषण, धुआं, पेट का अम्ल गले तक आना और आवाज का अधिक उपयोग भी गले में परेशानी पैदा कर सकता है। इसके साथ बुखार, खांसी, नाक बहना, टॉन्सिल में सूजन और गर्दन की लसीका ग्रंथियों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गले के संक्रमण का उपचार (Throat Infection Treatment) उसके कारण पर निर्भर करता है। हल्का वायरल संक्रमण अक्सर आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और गरारे जैसे उपायों से ठीक हो सकता है, जबकि कुछ बैक्टीरियल संक्रमणों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं की आवश्यकता पड़ सकती है। तेज दर्द, लगातार बुखार, निगलने या सांस लेने में परेशानी, अधिक सूजन या बार-बार संक्रमण होने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। गले के संक्रमण का इलाज करवाने के लिए ऐसे अस्पताल का चुनाव करना महत्वपूर्ण है, जहां अनुभवी ईएनटी विशेषज्ञों के साथ आधुनिक जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हों। मिरेकल्स हेल्थकेयर में अनुभवी ईएनटी विशेषज्ञ मरीज की स्थिति के अनुसार उचित जांच और उपचार की सलाह देते हैं। गले के संक्रमण से लेकर टॉन्सिल और अन्य ईएनटी समस्याओं (ENT Problems) तक, मरीजों को परामर्श, जांच और उपचार की एक व्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से देखभाल प्रदान की जाती है।

गले में खराश हो, निगलते समय दर्द हो या पानी पीने पर भी जलन महसूस हो तो इसे सिर्फ मौसम बदलने का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार गले की यह परेशानी सामान्य सर्दी-जुकाम या वायरल संक्रमण (Viral Infection) के कारण होती है, लेकिन इसके पीछे बैक्टीरियल संक्रमण, एलर्जी, वायु प्रदूषण, धुआं या पेट का अम्ल गले तक पहुंचना भी कारण हो सकता है।

गले का संक्रमण (Throat Infection) होने पर हर व्यक्ति में लक्षणों की तीव्रता और प्रकार अलग हो सकते हैं। किसी को केवल हल्की खराश या जलन महसूस होती है, जबकि किसी अन्य व्यक्ति को तेज गले का दर्द, बुखार, निगलने में परेशानी या गले में सूजन हो सकती है।

अधिकांश हल्के गले के संक्रमण कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर गले का दर्द लगातार बना रहे, बार-बार संक्रमण हो, तेज बुखार आए या सांस लेने और निगलने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

इस लेख में जानिए गले का संक्रमण क्यों होता है, इसके सामान्य लक्षण क्या हैं, इसकी जांच कैसे की जाती है और गले के संक्रमण का इलाज किस तरह किया जाता है।

गले में संक्रमण क्यों होता है? Why do Throat Infections Occur?

गले में संक्रमण होने के कई कारण (causes of throat infection)  हो सकते हैं। इनमें प्रमुख कारण निम्न हैं:

1. वायरल संक्रमण (Viral Infection)

गले में संक्रमण का एक आम कारण वायरस है। सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसे वायरल संक्रमणों के दौरान गले में सूजन और खराश हो सकती है। वायरल संक्रमण के साथ अक्सर नाक बहना, छींक आना, खांसी, हल्का बुखार और शरीर में थकान जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। अधिकांश हल्के वायरल संक्रमण समय के साथ अपने आप ठीक हो जाते हैं और इनमें एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता नहीं होती।

मिरेकल्स हेल्थकेयर, गुरुग्राम के ईएनटी विशेषज्ञ (ENT specialist in Gurgaon) डॉ. लक्ष्मी गोस्वामी अनुसार, “अधिकांश वायरल गले के संक्रमण में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती, लेकिन लक्षण लंबे समय तक बने रहें या गंभीर हों तो सही कारण जानने के लिए ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।”

2. बैक्टीरियल संक्रमण (Bacterial Infection)

कुछ मामलों में गले का संक्रमण बैक्टीरिया के कारण होता है। स्ट्रेप्टोकोकस नामक बैक्टीरिया गले के एक प्रकार के संक्रमण का कारण बन सकता है, जिसे स्ट्रेप गले (Strap Throat) का संक्रमण कहा जाता है। इसमें गले में तेज दर्द, बुखार, निगलने में दर्द, टॉन्सिल में सूजन और कभी-कभी टॉन्सिल पर सफेद धब्बे दिखाई दे सकते हैं।

बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण के लक्षण कई बार एक जैसे हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर स्वयं एंटीबायोटिक लेना उचित नहीं है।

3. टॉन्सिल में संक्रमण (Tonsil Infection)

गले के पीछे दोनों ओर मौजूद टॉन्सिल शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा होते हैं। इनमें संक्रमण होने पर टॉन्सिल में सूजन और दर्द हो सकते हैं।

डॉ. लक्ष्मी गोस्वामी बताती हैं, “अगर टॉन्सिल में सूजन के साथ तेज दर्द, बुखार या सफेद धब्बे दिखाई दें, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।”

टॉन्सिल के संक्रमण में:

  • गले में तेज दर्द

  • निगलने में परेशानी

  • बुखार

  • टॉन्सिल में सूजन

  • टॉन्सिल पर सफेद या पीले धब्बे

  • मुंह से दुर्गंध

  • गर्दन में गांठ या लसीका ग्रंथियों में सूजन

जैसे लक्षण हो सकते हैं।

4. एलर्जी (Allergy)

धूल, परागकण, पालतू जानवरों से निकलने वाले कण या अन्य एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थों के संपर्क में आने से गले में जलन हो सकती है।

एलर्जी के कारण नाक से निकलने वाला स्राव गले के पीछे की ओर जा सकता है, जिससे गले में खराश, खांसी और बार-बार गला साफ करने की जरूरत महसूस हो सकती है।

5. वायु प्रदूषण और धुआं (Air Pollution and Smoke)

वायु प्रदूषण, सिगरेट का धुआं और धूल-कण गले की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे गले में सूखापन, खराश, जलन और खांसी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका संपर्क रहने पर गले की परेशानी बनी रह सकती है या बढ़ सकती है।

डॉ. लक्ष्मी कहती हैं, “मेरी ओपीडी में अक्सर ऐसे मरीज आते हैं, जिन्हें गले में लगातार खराश, जलन या खांसी की शिकायत रहती है। जब हम उनकी दिनचर्या और आसपास के वातावरण के बारे में बात करते हैं, तो कई बार लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहना या धूम्रपान इसकी वजह सामने आता है। खासकर महानगरों में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण गले से जुड़ी ऐसी परेशानियां अब काफी आम हो रही हैं।”

इसलिए गले में खराश या खांसी (Cough) होने पर हर बार इसे संक्रमण मानना सही नहीं है; कई मामलों में इसका कारण प्रदूषण या धुएं के संपर्क में आना भी हो सकता है।

6. पेट का अम्ल गले तक आना (Stomach Acid)

कभी-कभी पेट का अम्ल भोजन नली से ऊपर की ओर आकर गले तक पहुंच सकता है। इससे गले में जलन, खांसी, आवाज में भारीपन और बार-बार गला साफ करने की इच्छा हो सकती है। यदि गले की समस्या बार-बार होती है, खासकर सुबह के समय, तो इसके पीछे केवल संक्रमण ही नहीं बल्कि पेट के अम्ल के गले तक आने की समस्या भी हो सकती है।

7. गले का अत्यधिक उपयोग (Excessive Use of the Throat)

लंबे समय तक लगातार बोलने, जोर से चिल्लाने या आवाज का अत्यधिक उपयोग करने से भी गले में दर्द (Throat Pain) और खराश हो सकती है। यह स्थिति संक्रमण के बिना भी हो सकती है।

गले के इन्फेक्शन के लक्षण क्या हैं? What are the Throat Infection Symptoms?

गले के संक्रमण के लक्षण संक्रमण के कारण और उसकी गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • गले में दर्द

  • गले में खराश

  • निगलने में दर्द

  • गले में जलन

  • गले में सूखापन

  • गले के अंदर लालिमा

  • गले या टॉन्सिल में सूजन

  • बुखार

  • खांसी

  • नाक बहना या नाक बंद होना

  • छींक आना

  • आवाज में भारीपन

  • सिरदर्द

  • शरीर में थकान

  • गर्दन की लसीका ग्रंथियों में सूजन

यदि संक्रमण टॉन्सिल को प्रभावित करता है, तो टॉन्सिल पर सफेद या पीले धब्बे भी दिखाई दे सकते हैं।

अगर गले में दर्द, खराश या निगलने में परेशानी लगातार बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज न करें। सही कारण और उचित उपचार के लिए अपने नजदीकी अनुभवी ईएनटी विशेषज्ञ (ENT specialist near you) से परामर्श लें।

बच्चों में गले के संक्रमण के लक्षण Throat Infection Symptoms in Kids

बच्चों में गले के संक्रमण को पहचानना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है क्योंकि छोटे बच्चे अपने लक्षण ठीक से बता नहीं पाते।

बच्चे में निम्न बदलाव दिखाई दे सकते हैं:

  • खाना खाने से मना करना

  • पानी पीने में परेशानी

  • निगलते समय रोना

  • चिड़चिड़ापन

  • बुखार

  • अधिक लार आना

  • आवाज में बदलाव

  • गले में दर्द की शिकायत

यदि बच्चा पानी भी नहीं पी पा रहा है या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

वायरल और बैक्टीरियल गले के संक्रमण में अंतर Difference Between Viral and Bacterial Infection in Throat

वायरल और बैक्टीरियल गले के संक्रमण के लक्षण कई बार एक जैसे हो सकते हैं। हालांकि, कुछ लक्षणों के आधार पर दोनों के बीच अंतर का अंदाजा लगाया जा सकता है। सही कारण की पुष्टि के लिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर गले की जांच और अन्य परीक्षण की सलाह दे सकते हैं।

लक्षण

वायरल संक्रमण

बैक्टीरियल संक्रमण

संक्रमण का कारण

वायरस

बैक्टीरिया

गले में दर्द

आमतौर पर हल्का या मध्यम

अक्सर तेज हो सकता है

खांसी

अक्सर हो सकती है

आमतौर पर नहीं होती

नाक बहना

आम लक्षण हो सकता है

आमतौर पर नहीं होता

छींक आना

हो सकती है

आमतौर पर नहीं होती

बुखार

हल्का बुखार हो सकता है

तेज बुखार हो सकता है

निगलने में दर्द

हो सकता है

अक्सर अधिक दर्द हो सकता है

टॉन्सिल में सूजन

हो सकती है

अधिक स्पष्ट हो सकती है

टॉन्सिल पर सफेद धब्बे

कभी-कभी दिखाई दे सकते हैं

दिखाई दे सकते हैं

गर्दन की लसीका ग्रंथियों में सूजन

हो सकती है

अधिक सामान्य हो सकती है

थकान

आम हो सकती है

हो सकती है

इलाज

आराम, पर्याप्त पानी और लक्षणों के अनुसार देखभाल

कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक की आवश्यकता हो सकती है

ध्यान दें: केवल लक्षणों के आधार पर वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण में निश्चित अंतर करना हमेशा संभव नहीं होता। सही निदान के लिए डॉक्टर की जांच और जरूरत पड़ने पर गले से नमूना लेकर जांच की जा सकती है। 

गले के संक्रमण की जांच कैसे होती है? How do Doctors Test For a Throat Infection?

गले के संक्रमण की जांच के लिए डॉक्टर सबसे पहले मरीज के लक्षणों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के बारे में पूछते हैं। इसके बाद गले और टॉन्सिल की जांच की जाती है।

  • गले की चिकित्सकीय जांच

डॉक्टर गले में लालिमा, सूजन, टॉन्सिल की स्थिति और सफेद धब्बों की जांच कर सकते हैं। गर्दन की लसीका ग्रंथियों में सूजन की भी जांच की जा सकती है।

  • गले से नमूना लेकर जांच

यदि डॉक्टर को बैक्टीरियल संक्रमण का संदेह होता है, तो गले से एक नमूना लेकर जांच की जा सकती है। इससे कुछ बैक्टीरिया की पहचान करने में सहायता मिलती है।

  • त्वरित स्ट्रेप जांच

स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण का संदेह होने पर त्वरित जांच की जा सकती है। कुछ परिस्थितियों में अतिरिक्त प्रयोगशाला जांच की आवश्यकता भी हो सकती है।

हर मरीज में सभी जांचों की आवश्यकता नहीं होती। जांच का निर्णय लक्षणों और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर किया जाता है।

गले के इन्फेक्शन का इलाज कैसे किया जाता है? How Do Doctors Treat Throat Infections?

गले के संक्रमण का इलाज (Throat Infection Treatment) उसके कारण, लक्षणों और संक्रमण की गंभीरता पर निर्भर करता है। वायरल और बैक्टीरियल गले के संक्रमण का इलाज एक जैसा नहीं होता। इसलिए, गले के इन्फेक्शन के लिए हमेशा एंटीबायोटिक्स या कोई खास दवा (Throat Infection Medicine) लेना ज़रूरी नहीं है।

1. वायरल संक्रमण का इलाज Viral Throat Infection Treatment

अधिकांश वायरल गले के संक्रमण कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। ऐसे मामलों में इलाज का उद्देश्य गले के दर्द, खराश, बुखार और असहजता को कम करना होता है। लक्षणों की गंभीरता के आधार पर डॉक्टर कुछ दवाओं की सलाह दे सकते हैं।

वायरल गले के संक्रमण में डॉक्टर आमतौर पर:

  • दर्द और बुखार कम करने के लिए उचित दवा की सलाह दे सकते हैं।

  • गले की खराश से राहत के लिए lozenges या अन्य राहत देने वाली दवाएं बता सकते हैं।

  • पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेने की सलाह देते हैं।

  • गुनगुने पानी से गरारे करने की सलाह दी जा सकती है।

  • पर्याप्त आराम करने और धूम्रपान या धुएं से बचने की सलाह दी जाती है।

वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक (Throat Infection Antibiotics) दवाओं की आमतौर पर जरूरत नहीं होती, क्योंकि एंटीबायोटिक वायरस पर काम नहीं करती हैं।

2. बैक्टीरियल संक्रमण का इलाज Bacterial Infection Treatment

यदि डॉक्टर की जांच या आवश्यक टेस्ट से बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि होती है और एंटीबायोटिक की जरूरत होती है, तो डॉक्टर उचित antibiotic medicine for throat infection लिख सकते हैं।

दवा का चुनाव संक्रमण के प्रकार, लक्षणों, उम्र और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारकों के आधार पर किया जाता है। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा की सही खुराक और अवधि का पालन करना जरूरी है।

बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक शुरू न करें। गलत या अनावश्यक एंटीबायोटिक लेने से साइड इफेक्ट हो सकते हैं और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ सकती है।

गले के संक्रमण में घर पर क्या करें? Throat Infection Treatment at Home

हल्के गले के संक्रमण में कुछ सामान्य उपाय असुविधा कम करने में मदद कर सकते हैं।

  • गुनगुने पानी से गरारे करें: गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे करने से गले की खराश और असुविधा में राहत मिल सकती है।

  • पर्याप्त पानी पिएं: पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और गले का सूखापन कम करने में मदद मिल सकती है।

  • आराम करें: पर्याप्त नींद और आराम शरीर को संक्रमण से उबरने में सहायता करते हैं।

  • धूम्रपान से बचें: सिगरेट का धुआं गले की जलन को बढ़ा सकता है। संक्रमण या गले में जलन के दौरान धूम्रपान से बचना बेहतर है।

  • प्रदूषण से बचने की कोशिश करें: यदि प्रदूषण के कारण गले में जलन बढ़ती है, तो अत्यधिक प्रदूषण वाले वातावरण में कम समय बिताना उपयोगी हो सकता है।

गले के संक्रमण से बचाव कैसे करें? How to Prevent Throat Infection?

डॉ. लक्ष्मी बताती हैं, “गले के सभी संक्रमणों से पूरी तरह बचना संभव नहीं है, लेकिन कुछ आसान सावधानियां अपनाकर संक्रमण होने और फैलने के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।” 

  • हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं।

  • खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।

  • संक्रमित व्यक्ति के साथ गिलास, चम्मच और अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करें।

  • धूम्रपान और धुएं से बचें।

  • प्रदूषण के संपर्क को कम करने की कोशिश करें।

  • पर्याप्त नींद लें।

  • संतुलित आहार लें।

  • बीमारी के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें।

गले के संक्रमण में डॉक्टर को कब दिखाएं?

अधिकांश हल्के गले के संक्रमण गंभीर नहीं होते, लेकिन कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

यदि आपको:

  • गले में बहुत तेज दर्द हो

  • लगातार तेज बुखार हो

  • निगलने में बहुत अधिक परेशानी हो

  • पानी या लार निगलने में कठिनाई हो

  • सांस लेने में परेशानी हो

  • गले या गर्दन में अधिक सूजन हो

  • टॉन्सिल पर सफेद या पीले धब्बे दिखाई दें

  • गले का दर्द लगातार बना रहे

  • गले का संक्रमण बार-बार हो

  • लक्षण समय के साथ बेहतर होने के बजाय बढ़ते जाएं

तो चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए।

विशेष रूप से सांस लेने में परेशानी या लार निगलने में असमर्थता जैसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है।

गले में दर्द और खराश को हल्के में न लें, सही विशेषज्ञ चुनें

मिरेकल्स हेल्थकेयर गुरुग्राम में स्थित एक NABH-मान्यता प्राप्त ईएनटी अस्पताल है।, जहाँ 2002 से कान, नाक और गले से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के लिए विशेषज्ञ परामर्श, आवश्यक जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अनुभवी ENT विशेषज्ञ मरीज के लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन करके आगे की जांच और उपचार की दिशा तय करते हैं।

  • अनुभवी विशेषज्ञों की टीम: ENT से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के मूल्यांकन और उपचार के लिए अनुभवी डॉक्टरों की टीम उपलब्ध है।

  • आवश्यक जांच की सुविधा: गले में संक्रमण, बार-बार होने वाली खराश या अन्य ENT समस्याओं के कारणों की जांच के लिए आवश्यक टेस्ट और मूल्यांकन की सुविधा।

  • व्यक्तिगत उपचार योजना: हर मरीज में संक्रमण का कारण और लक्षण अलग हो सकते हैं। इसलिए जांच के आधार पर उपचार और आगे की देखभाल की सलाह दी जाती है।

  • मल्टी-स्पेशियलिटी देखभाल: यदि गले की समस्या किसी अन्य स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी हो, तो आवश्यकता के अनुसार संबंधित विशेषज्ञ से भी परामर्श लिया जा सकता है।

  • गुरुग्राम में सुविधाजनक स्थान: सेक्टर 14, सेक्टर 56 और सेक्टर 82 सहित गुरुग्राम के विभिन्न केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता।

  • ऑनलाइन और प्रत्यक्ष परामर्श: मरीज अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन परामर्श ले सकते हैं या केंद्र पर जाकर ईएनटी विशेषज्ञ से आमने-सामने सलाह ले सकते हैं।

गले के संक्रमण को समझें, सही समय पर सही कदम उठाएं

गले का संक्रमण (Throat infection) एक आम समस्या है, लेकिन इसके पीछे केवल एक ही कारण नहीं होता। वायरस और बैक्टीरिया के अलावा एलर्जी, प्रदूषण, धुआं, पेट का अम्ल और गले का अत्यधिक उपयोग भी गले में दर्द और खराश का कारण बन सकते हैं।

हल्के वायरल संक्रमण अक्सर आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और लक्षणों को कम करने वाले उपायों से ठीक हो जाते हैं। वहीं बैक्टीरियल संक्रमण होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार और कुछ मामलों में एंटीबायोटिक की आवश्यकता हो सकती है।

इसलिए गले में दर्द होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय लक्षणों को समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सही जांच करवाना महत्वपूर्ण है। अगर आपको गले में लगातार दर्द, बार-बार इन्फेक्शन, कुछ निगलने में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो समय पर मेडिकल सलाह के लिए अपने नज़दीकी मिरेकल्स हेल्थकेयर सेंटर में ENT स्पेशलिस्ट (ENT Specialist Near You) से मिलें।

Written and Verified by:

Dr. Lakshmi Goswami Exp: 7

MBBS, MS (ENT)


Frequently Asked Questions

गले के संक्रमण का कारण जानने के लिए डॉक्टर शारीरिक जांच के साथ जरूरत पड़ने पर Throat Swab Test, Rapid Strep Test या Throat Culture की सलाह दे सकते हैं। टेस्ट का चुनाव लक्षणों और चिकित्सकीय जांच के आधार पर किया जाता है।

हल्का वायरल गले का संक्रमण अक्सर कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। बैक्टीरियल संक्रमण में ठीक होने का समय कारण, उपचार और संक्रमण की गंभीरता पर निर्भर करता है।

डॉ. लक्ष्मी गोस्वामी भरपूर आराम करने, पानी और तरल पदार्थ लेने, गुनगुने पानी से गरारे करने और धुएं या धूम्रपान से बचने की सलाह देती हैं।

दवा संक्रमण के कारण और लक्षणों पर निर्भर करती है। दर्द या बुखार के लिए डॉक्टर उचित दवा बता सकते हैं, जबकि बैक्टीरियल संक्रमण में जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक दी जा सकती है।

गुनगुना पानी पीने से गले की खराश और असहजता में अस्थायी राहत मिल सकती है। हालांकि, यह संक्रमण के मूल कारण का इलाज नहीं करता।

टॉन्सिल के संक्रमण में गले में दर्द, निगलने में परेशानी, बुखार, टॉन्सिल में सूजन और कभी-कभी सफेद या पीले धब्बे दिखाई दे सकते हैं।